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Indore News: बायपास पर घना अंधेरा और गड्ढे बन रहे जानलेवा, संकेतक भी नहीं आते हैं नजर
Tue, 07 Oct 2025 11:42 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:42 AM IST
सार
Indore News: सड़क पर मौजूद खतरनाक गड्ढों, बंद स्ट्रीट लाइट्स, अधूरे निर्माण और धूल के गुबार के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बायपास। फोटो- जयेश मालवीय
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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शहर का बायपास अपनी बदहाली के कारण वाहन चालकों के लिए एक जानलेवा मार्ग बन चुका है। देवास नाका से लेकर पत्थर मुंडला तक का यह रास्ता गड्ढों, अंधेरे और अव्यवस्थाओं से घिरा है, जिसके चलते साल के शुरुआती छह महीनों में ही 2264 दुर्घटनाओं में 136 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है और टोल वसूली जारी है। रात में हजारों लोग यहां से गुजरते हैं और जान हथेली पर रखकर रास्ता पार करते हैं।
शाम होते ही धूल के गुबार उड़ने लगते हैं और वाहन तक नजर नहीं आते।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
गड्ढे और अंधेरा बन रहे मौत का कारण
बायपास पर टोल प्लाजा के पास और अन्य कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं, जिससे रात में सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। अंधेरे में सड़क पर घूमते आवारा पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जो कई बड़े हादसों का कारण बन चुके हैं। इसके अलावा, सड़क पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे हैं कि दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, वहीं चार पहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ना भी आम बात है।
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अधूरा निर्माण और गलत डायवर्शन
अरंडिया, निपानिया, बेस्ट प्राइज और कनाड़िया जैसे इलाकों में ब्रिज निर्माण का काम या तो अधूरा पड़ा है या फिर वहां चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। बेस्ट प्राइज के पास निर्माण कार्य के कारण हर तरफ धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। कई जगहों पर डायवर्शन के बोर्ड या तो धूल से ढके हैं या पेड़-पौधों के पीछे छिप गए हैं, जिससे वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं।
सुविधा शून्य, फिर भी टोल वसूली जारी
हैरानी की बात यह है कि सड़क पर सुरक्षा और सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है, लेकिन टोल टैक्स लगातार वसूला जा रहा है। न तो गड्ढों की मरम्मत की जा रही है और न ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने की कोई जहमत उठा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की यह चुप्पी हर दिन हजारों राहगीरों की जान जोखिम में डाल रही है।
बायपास पर टोल प्लाजा के पास और अन्य कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं, जिससे रात में सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। अंधेरे में सड़क पर घूमते आवारा पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जो कई बड़े हादसों का कारण बन चुके हैं। इसके अलावा, सड़क पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे हैं कि दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, वहीं चार पहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ना भी आम बात है।
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सुविधा शून्य, फिर भी टोल वसूली जारी
हैरानी की बात यह है कि सड़क पर सुरक्षा और सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है, लेकिन टोल टैक्स लगातार वसूला जा रहा है। न तो गड्ढों की मरम्मत की जा रही है और न ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने की कोई जहमत उठा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की यह चुप्पी हर दिन हजारों राहगीरों की जान जोखिम में डाल रही है।
