Indore: छिंदवाड़ा में बच्चों की जान लेने वाले कफ सिरप का स्टाॅक नहीं मिला इंदौर में
डाक्टरों से भी कहा गया है कि यदि डाॅक्टर प्रतिबंधित दवा लिखते है व केमिस्ट द्वारा इसकी बिक्री की जाती है तो फिर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इंदौर में तैयार होने वाले कफ सिरप डिफ्राॅस्ट को भी बाजार से बुलाने के निर्देश जारी किए है।
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छिंदवाड़ा में बच्चों की जान लेने वाला दूषित कफ सिरप को लेकर जिलों के अफसर सर्तकता बरत रहे है। इंदौर शहर में भी दवा कंपनियों के बड़े डीलर और स्टाकिस्ट है। इसके चलते प्रशासन ने यह पता लगाया था कि प्रतिबंधित किए गए कफ सिरप का स्टाॅक इंदौर में तो नहीं है, लेकिन यहां वह सिरप नहीं आया। उधर कलेक्टर ने कहा कि प्रतिबंधित ड्रग्स वाला कफ सिरप यदि डाॅक्टरों ने मरीजों को लिखा तो प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
इस बारे में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य व औषधि विभाग को निर्देश भी जारी किए गए है। विभाग के अफसरों को कहा गया है कि वे दवा की दुकानों पर भी जांच कर यह सुनिश्चित करें कि स्टाॅक में रखे गए कफ सिरप की क्या स्थिति है।
डाक्टरों से भी कहा गया है कि यदि डाॅक्टर प्रतिबंधित दवा लिखते है व केमिस्ट द्वारा इसकी बिक्री की जाती है तो फिर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। आपको बता दे कि इंदौर में तैयार होने वाले कफ सिरप डिफ्राॅस्ट को भी बाजार से बुलाने के निर्देश जारी किए है, हालांकि इसे लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन सर्तकता के कारण यह फैसला लिया गया है। उधर निजी डाक्टर भी खांसी और कफ वाले रोगियों को सिरप देने के बजाए दवा के दूसरे विकल्प दे रहे है।
