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Indore News: मोबाइल एप से चार करोड़ की ठगी, शेयर बाजार में मुनाफा दिखाकर झांसे में लिया
Thu, 12 Sep 2024 08:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 12 Sep 2024 08:29 PM IST
सार
एप पर मुनाफा दिखाया और पैसे लेते रहे, जब व्यापारी ने पैसे निकालना चाहे तो नहीं निकले। इसके बाद सायबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई।
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Cyber Helpline
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
शेयर मार्केट में चार गुना मुनाफा देने का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी ने ऑनलाइन एप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश करने के लिए 4 करोड़ 85 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। आरोपियों ने पीड़ित को एप पर दिखाए गए मुनाफे के बाद रुपये निकालने पर फोन नंबर बंद कर दिया था।
कैसे फंस गया व्यापारी
पीड़ित व्यापारी महेश ने बताया कि उन्हें m.stock586 value invesment portfolio में एड होने के लिए एक लिंक मिली थी, जिस पर क्लिक करने के बाद वे वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़ गए थे। इस ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग संबंधी मैसेज आते थे और सदस्यों ने बताया कि उन्हें प्रोफिट हुआ है। ग्रुप के एडमिन ने उन्हें Mstock Max एप के माध्यम से ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उन्होंने अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर लिया।
कैसे खुली पोल
इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर से आईडी और पासवर्ड दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 21 अगस्त को 10 हजार का ट्रांजैक्शन किया और फिर 23 को 5 लाख रुपये डाले। इसका प्रॉफिट Mstock Max एप पर दिखा, इसलिए उन्होंने एप के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अकाउंट में 3 करोड़ 60 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद रवि द्वारा बताए गए निर्मल अर्बन को ऑपरेटिव बैंक नागपुर शाखा में 1 करोड़ 5 लाख और 20 लाख के दो ट्रांजेक्शन किये। जब उन्होंने प्रॉफिट होने के बाद रुपये निकालना चाहे, तो उनके अकाउंट में आए ही नहीं। अकाउंटेंट से बात की तो उसका नंबर बंद मिला। ग्रुप एडमिन ने भी जवाब नहीं दिया। तब महेश ने एनसीआरपी पोर्टल और फिर क्राइम ब्रांच से शिकायत की।
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संदिग्धों की जानकारी निकाली
क्राइम ब्रांच ने दो मोबाइल नंबर के धारकों और एक अकाउंटेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू कर कुछ संदिग्धों की जानकारी निकाली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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कैसे फंस गया व्यापारी
पीड़ित व्यापारी महेश ने बताया कि उन्हें m.stock586 value invesment portfolio में एड होने के लिए एक लिंक मिली थी, जिस पर क्लिक करने के बाद वे वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़ गए थे। इस ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग संबंधी मैसेज आते थे और सदस्यों ने बताया कि उन्हें प्रोफिट हुआ है। ग्रुप के एडमिन ने उन्हें Mstock Max एप के माध्यम से ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उन्होंने अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर लिया।
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कैसे खुली पोल
इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर से आईडी और पासवर्ड दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 21 अगस्त को 10 हजार का ट्रांजैक्शन किया और फिर 23 को 5 लाख रुपये डाले। इसका प्रॉफिट Mstock Max एप पर दिखा, इसलिए उन्होंने एप के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अकाउंट में 3 करोड़ 60 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद रवि द्वारा बताए गए निर्मल अर्बन को ऑपरेटिव बैंक नागपुर शाखा में 1 करोड़ 5 लाख और 20 लाख के दो ट्रांजेक्शन किये। जब उन्होंने प्रॉफिट होने के बाद रुपये निकालना चाहे, तो उनके अकाउंट में आए ही नहीं। अकाउंटेंट से बात की तो उसका नंबर बंद मिला। ग्रुप एडमिन ने भी जवाब नहीं दिया। तब महेश ने एनसीआरपी पोर्टल और फिर क्राइम ब्रांच से शिकायत की।
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संदिग्धों की जानकारी निकाली
क्राइम ब्रांच ने दो मोबाइल नंबर के धारकों और एक अकाउंटेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू कर कुछ संदिग्धों की जानकारी निकाली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
