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Indore News: कंडे से अंतिम संस्कार करने पर बवाल, गोभक्त और निगमकर्मी हुए आमने सामने

Tue, 18 Feb 2025 06:58 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Tue, 18 Feb 2025 06:58 PM IST
सार

Indore News : गोभक्त विष्णु शर्मा के अंतिम संस्कार को लेकर खजराना मुक्तिधाम में विवाद हो गया, जब नगर निगम के कर्मचारियों ने गाय के कंडे से दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। पार्षद के हस्तक्षेप के बाद 2 घंटे की बहस के बाद ही संस्कार संभव हो पाया।

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Indore News Controversy at Cremation Ground Over Cow Dung Funeral
समझाइश के बाद आखिरकार कंडे से हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर के खजराना मुक्तिधाम में एक गोभक्त के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जब नगर निगम के कर्मचारियों ने गाय के कंडे से दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसको लेकर मुक्तिधाम पर काफी हंगामा हुआ और विवाद बढ़ता चला गया। लगभग 2 घंटे तक इस मुद्दे पर बहस होती रही और अंततः क्षेत्रीय पार्षद के हस्तक्षेप के बाद ही अंतिम संस्कार संभव हो पाया।  
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श्मशान घाट से ही मिलते हैं कंडे और लकड़ी
इंदौर नगर निगम शहर के सभी श्मशान घाटों का संचालन करता है, जहां अंतिम संस्कार लकड़ी या कंडे के माध्यम से किया जाता है। नगर निगम द्वारा श्मशान घाटों पर लकड़ी और कंडे उपलब्ध कराने के लिए ठेका दिया गया है, जिससे अंतिम क्रिया के लिए आवश्यक सामग्री वहीं से प्राप्त होती है। कल खजराना श्मशान घाट पर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब बंगाली चौराहे के पास स्थित चेतन नगर निवासी गोभक्त विष्णु शर्मा का अंतिम संस्कार करने के लिए उनके साथी पहुंचे। शर्मा लंबे समय से गोसेवा में सक्रिय थे और उन्होंने शहर में लगभग 30 गौशालाओं के संचालन में सहयोग दिया था। उनके निधन के बाद उनके गोभक्त मित्रों ने फैसला किया कि उनका दाह संस्कार गाय के कंडे से ही किया जाएगा।  
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लोग खुद कंडे लाए तो कर्मचारी नाराज हुए
इसके लिए पहले से ही कुछ गोसेवक मुक्तिधाम पर पहुंच गए और अपने साथ गाय के कंडे भी लेकर आए। लेकिन जब मुक्तिधाम के कर्मचारियों ने इसे देखा, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मुक्तिधाम में गाय के कंडे से अंतिम संस्कार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और यदि कंडे से दाह संस्कार करना है, तो इन्हें नगर निगम द्वारा अधिकृत ठेकेदार से ही खरीदना होगा। इस बात से गोभक्त नाराज हो गए और उन्होंने नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया और निगम आयुक्त शिवम वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी कॉल नहीं उठाया। इस दौरान मृतक की शवयात्रा श्मशान घाट पहुंच चुकी थी, लेकिन अंतिम संस्कार की अनुमति को लेकर असमंजस बना रहा।  
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पार्षद ने समझाइश दी
इसी बीच क्षेत्रीय पार्षद प्रणव मंडल मौके पर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने फोन के जरिए भी कर्मचारियों से समझाइश देने की कोशिश की थी, लेकिन कोई हल नहीं निकला था। जब वे वहां पहुंचे, तो उन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों से बातचीत की और स्थिति को संभालने की कोशिश की। करीब 2 घंटे तक चले विवाद के बाद आखिरकार कर्मचारियों ने अनुमति दी और गोभक्त विष्णु शर्मा का अंतिम संस्कार गाय के कंडों से किया गया। यह घटना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। जहां एक ओर धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने की मांग की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की नीतियां आड़े आ रही थीं। हालांकि, इस मामले को लेकर नगर निगम की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस विवाद के बाद शहर में अंतिम संस्कार के नियमों और व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
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