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Indore News: आठ महीने से सिर्फ बातें! बीआरटीएस कॉरिडोर तोड़ने का वर्कआर्डर तक जारी नहीं कर पाया नगर निगम

Thu, 23 Oct 2025 05:05 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 23 Oct 2025 05:05 PM IST
सार

Indore News: इंदौर नगर निगम द्वारा बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने के लिए अभी तक वर्कआर्डर जारी नहीं किया गया है, जबकि फरवरी में इसे तोड़ने का फैसला हो चुका था।

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indore news BRTS corridor demolition delayed
बीआरटीएस - फोटो : amar ujala

विस्तार

इंदौर नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली एक बार फिर बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने के मामले में सामने आई है। कॉरिडोर को हटाने का फैसला हुए आठ महीने बीत चुके हैं और ठेकेदार भी तय हो गया है, लेकिन निगम अब तक वर्कआर्डर ही जारी नहीं कर पाया है। दूसरी ओर, निगम के पदाधिकारी लगातार काम "बस शुरू होने वाला है" कहकर जनता को गफलत में रख रहे हैं।
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फरवरी में हुआ था फैसला, टेंडर में लगे महीने
राज्य सरकार ने इसी साल फरवरी में इंदौर के बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने का फैसला लिया था, जिस पर बाद में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी मुहर लगा दी थी। इसके बाद नगर निगम ने तीन बार टेंडर जारी किए, लेकिन कोई भी ठेकेदार काम करने के लिए आगे नहीं आया। चौथी बार टेंडर जारी करने पर एक फर्म ने रुचि दिखाई। इस टेंडर की शर्त के मुताबिक, फर्म को निगम को कोई पैसा नहीं देना है, बल्कि फर्म ही मलबे और लोहा-लंगर के बदले निगम को भुगतान करेगी।
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अधिकारियों के दावे और हकीकत
पिछले कुछ दिनों से निगम के पदाधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि कॉरिडोर तोड़ने का काम जल्द शुरू होगा। यह भी कहा गया कि निगम चाहता है कि कॉरिडोर टूटने के साथ ही नया रोड डिवाइडर भी बना दिया जाए, ताकि दुर्घटनाएं न हों। लेकिन इन दावों के विपरीत, हकीकत यह है कि ठेकेदार एजेंसी को अब तक वर्कआर्डर ही जारी नहीं किया गया है।


निगमायुक्त के पास अटकी फाइल
मामले के प्रभारी अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि महापौर परिषद (MIC) की बैठक में टेंडर को मंजूरी दी गई थी और इस पर महापौर के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। फिलहाल, फाइल निगम आयुक्त के पास गई हुई है। वहां से फाइल लौटने के बाद ही ठेकेदार एजेंसी को वर्कआर्डर जारी किया जाएगा और काम शुरू करने पर चर्चा होगी।

प्राथमिकता में नहीं है काम?
शहर में कई अन्य सड़कों का भूमिपूजन होने के महीनों बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। बीआरटीएस को तोड़ने के मामले में भी वैसी ही धीमी गति दिखाई दे रही है, जिससे यह प्रतीत होता है कि यह काम फिलहाल निगम की प्राथमिकता सूची में नहीं है।
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