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Indore News: पद संभाला पर कुर्सी पर नहीं बैठ रहे, भाजपा शहर अध्यक्ष को किस मौके का है इंतजार
Tue, 18 Feb 2025 06:40 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 18 Feb 2025 06:40 PM IST
सार
Indore News : भाजपा इंदौर महानगर अध्यक्ष बने सुमित मिश्रा को 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन वे अभी तक अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे। संगठन का काम तो कर रहे हैं, लेकिन कुर्सी से दूरी को लेकर पार्टी में चर्चा तेज हो गई है।
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महापौर के साथ सुमित मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
भाजपा इंदौर महानगर के अध्यक्ष बने सुमित मिश्रा को आज 20 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन वे अभी तक अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे हैं। संगठन का काम वे पूरी तरह संभाल चुके हैं, लेकिन किसी और कुर्सी से ही बैठकर फैसले ले रहे हैं। इसे लेकर पार्टी के भीतर और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आखिर मिश्रा अपनी कुर्सी पर क्यों नहीं बैठ रहे। पहले इस देरी का कारण शुभ मुहूर्त बताया जा रहा था, लेकिन अब तो विधिवत पूजा-पाठ भी हो चुका है। इसके बावजूद वे अभी तक नगर अध्यक्ष की कुर्सी ग्रहण करने से बच रहे हैं। जब उनसे इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे बेवजह की चर्चा करार दिया और कहा कि राजनीति में हर बात पर हल्ला मचता है, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। संगठन का काम पहले ही शुरू कर दिया है, और अभी हमारा पूरा फोकस आजीवन सहयोग निधि अभियान पर है।
30 जनवरी को हुई थी नियुक्ति
30 जनवरी को भाजपा प्रदेश संगठन ने नगर और ग्रामीण अध्यक्ष के रूप में सुमित मिश्रा और श्रवणसिंह चावड़ा की नियुक्ति की थी। चावड़ा ने 11 फरवरी को विधि-विधान से पूजन कर अपनी कुर्सी ग्रहण कर ली, लेकिन मिश्रा अब भी नगर अध्यक्ष की कुर्सी से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कार्यालय में रामायण पाठ और कन्या पूजन का आयोजन जरूर किया, लेकिन कुर्सी पर बैठने का कोई संकेत नहीं दिया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मिश्रा किस विशेष मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं? बताया जा रहा है कि वे कुछ वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति चाहते हैं, जिनके सामने वे अपनी कुर्सी ग्रहण करेंगे।
रमेश मेंदोला और गोपी नेमा का दिया उदाहरण
हालांकि, मिश्रा ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि जब विधायक रमेश मेंदोला नगर अध्यक्ष थे, तो वे अधिकतर फील्ड में ही सक्रिय रहे और कुर्सी पर नहीं बैठे। वहीं, गोपीकृष्ण नेमा भी नगर अध्यक्ष रहते हुए कभी अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे थे। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी कार्यकर्ताओं के बीच रहकर संगठन का काम कर रहे हैं।
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आजीवन सहयोग निधि अभियान में जुटे मिश्रा
भाजपा द्वारा चलाए जा रहे आजीवन सहयोग निधि अभियान के तहत प्रत्येक वार्ड और विधानसभा क्षेत्रों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं। इस अभियान में सबसे पहले वार्ड 47 के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया और वार्ड अध्यक्ष अजेश सिरा ने 5 लाख 11 हजार रुपए का चेक विधायक महेंद्र हार्डिया और संगठन के निधि प्रभारी अजीतसिंह रघुवंशी को सौंपा। इससे पहले वार्ड नंबर 3 से 51 लाख रुपए, राऊ और वार्ड नंबर 5 से 15-15 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की जा चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस अभियान के तहत 3 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि एकत्रित हो सकती है। मिश्रा ने कहा कि वे पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में पूरी तरह व्यस्त हैं और हर विधानसभा और वार्डों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्सी पर बैठना कोई बड़ी बात नहीं है, बल्कि संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता है। पार्टी के अंदर उनकी इस कार्यशैली पर चर्चाएं जरूर हो रही हैं, लेकिन वे अपने कार्य में पूरी तरह संलग्न हैं और इसे लेकर किसी भी तरह की चर्चा को बेवजह मानते हैं।
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30 जनवरी को हुई थी नियुक्ति
30 जनवरी को भाजपा प्रदेश संगठन ने नगर और ग्रामीण अध्यक्ष के रूप में सुमित मिश्रा और श्रवणसिंह चावड़ा की नियुक्ति की थी। चावड़ा ने 11 फरवरी को विधि-विधान से पूजन कर अपनी कुर्सी ग्रहण कर ली, लेकिन मिश्रा अब भी नगर अध्यक्ष की कुर्सी से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कार्यालय में रामायण पाठ और कन्या पूजन का आयोजन जरूर किया, लेकिन कुर्सी पर बैठने का कोई संकेत नहीं दिया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मिश्रा किस विशेष मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं? बताया जा रहा है कि वे कुछ वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति चाहते हैं, जिनके सामने वे अपनी कुर्सी ग्रहण करेंगे।
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रमेश मेंदोला और गोपी नेमा का दिया उदाहरण
हालांकि, मिश्रा ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि जब विधायक रमेश मेंदोला नगर अध्यक्ष थे, तो वे अधिकतर फील्ड में ही सक्रिय रहे और कुर्सी पर नहीं बैठे। वहीं, गोपीकृष्ण नेमा भी नगर अध्यक्ष रहते हुए कभी अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे थे। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी कार्यकर्ताओं के बीच रहकर संगठन का काम कर रहे हैं।
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आजीवन सहयोग निधि अभियान में जुटे मिश्रा
भाजपा द्वारा चलाए जा रहे आजीवन सहयोग निधि अभियान के तहत प्रत्येक वार्ड और विधानसभा क्षेत्रों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं। इस अभियान में सबसे पहले वार्ड 47 के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया और वार्ड अध्यक्ष अजेश सिरा ने 5 लाख 11 हजार रुपए का चेक विधायक महेंद्र हार्डिया और संगठन के निधि प्रभारी अजीतसिंह रघुवंशी को सौंपा। इससे पहले वार्ड नंबर 3 से 51 लाख रुपए, राऊ और वार्ड नंबर 5 से 15-15 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की जा चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस अभियान के तहत 3 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि एकत्रित हो सकती है। मिश्रा ने कहा कि वे पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में पूरी तरह व्यस्त हैं और हर विधानसभा और वार्डों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्सी पर बैठना कोई बड़ी बात नहीं है, बल्कि संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता है। पार्टी के अंदर उनकी इस कार्यशैली पर चर्चाएं जरूर हो रही हैं, लेकिन वे अपने कार्य में पूरी तरह संलग्न हैं और इसे लेकर किसी भी तरह की चर्चा को बेवजह मानते हैं।
