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Indore News: अष्टांग कॉलेज में आयुर्वेद से हो रहा कैंसर का इलाज, ओजोन थैरेपी और पंचकर्म की भी बढ़ी डिमांड
Sat, 23 May 2026 06:32 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 23 May 2026 06:32 AM IST
सार
संभाग आयुक्त की बैठक में महाविद्यालय के विकास कार्यों, जी+3 नवीन छात्रावास भवन के निर्माण, पीएनजी पाइपलाइन कनेक्शन और तीन नए विषयों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
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अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में नए सत्र से तीन विषयों (क्रिया शरीर, रचना शरीर और शालाक्य तंत्र) में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित नवीन छात्रावास भवन जी+3 के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किया जाएगा। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में संभागायुक्त कार्यालय में शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय लोकमान्य नगर इंदौर की कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए। महाविद्यालय एवं छात्रावास में भोजन व्यवस्था हेतु नवीन पीएनजी पाईपलाइन कनेक्शन का कार्य समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
मान्यता और कौशल विकास पर दिया जोर
डॉ. खाड़े ने कहा कि महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की एनसीआईएमएस से मान्यता हेतु आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं औषधि के निर्माण हेतु कच्ची औषधियां एवं उपकरण क्रय किए जाए। स्नातक विद्यार्थियों के लिए तीन माह के स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को शुरू किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीतपाल सिंह चौहान, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अजय यादव, जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया, समिति सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. एस के दास एवं डॉ. जगदीश पंचोली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ओजोन थैरेपी, पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधाएं
बैठक में बताया गया कि शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में स्थित ओपीडी में प्रतिदिन करीब 400 मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की भी व्यवस्था है। विशेषकर ओजोन थैरेपी, पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधाएं है। इन सबकी डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है और इंदौर के आसपास के जिलों के लोग भी यहां पर इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। यहां पर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से कैंसर मरीजों का भी उपचार किया जाता है। महाविद्यालय में प्रतिवर्ष स्नातक पाठ्यक्रम में करीब 75 विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं, वर्तमान में यहां करीब 400 विद्यार्थी अध्ययनरत है।
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मान्यता और कौशल विकास पर दिया जोर
डॉ. खाड़े ने कहा कि महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की एनसीआईएमएस से मान्यता हेतु आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं औषधि के निर्माण हेतु कच्ची औषधियां एवं उपकरण क्रय किए जाए। स्नातक विद्यार्थियों के लिए तीन माह के स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को शुरू किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीतपाल सिंह चौहान, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अजय यादव, जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया, समिति सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. एस के दास एवं डॉ. जगदीश पंचोली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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ओजोन थैरेपी, पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधाएं
बैठक में बताया गया कि शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में स्थित ओपीडी में प्रतिदिन करीब 400 मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की भी व्यवस्था है। विशेषकर ओजोन थैरेपी, पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधाएं है। इन सबकी डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है और इंदौर के आसपास के जिलों के लोग भी यहां पर इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। यहां पर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से कैंसर मरीजों का भी उपचार किया जाता है। महाविद्यालय में प्रतिवर्ष स्नातक पाठ्यक्रम में करीब 75 विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं, वर्तमान में यहां करीब 400 विद्यार्थी अध्ययनरत है।
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