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रोचक तस्वीरें: इंदौर में नेताओं, अधिकारियों ने छोड़ी कार, सोच में पड़ गई जनता...

Tue, 22 Sep 2026 09:06 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Tue, 22 Sep 2026 09:06 AM IST
सार

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 22 सितंबर को नो कार डे मनाया जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों से कार छोड़कर सिटी बस, साइकिल या पैदल यात्रा चुनने की अपील की है। बीते वर्षों में इससे भारी ईंधन बचत और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

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निगम कमिश्नर अपने दो पहिया वाहन से दफ्तर पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में आज सुबह से नेता, अधिकारी कार छोड़कर दो पहिया वाहन से काम के लिए निकल रहे हैं। जिम्मेदारों की यह पहल जनता को भी चौंका रही है। अलसुबह नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अपने दो पहिया वाहन से दौरे के लिए निकले। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मी को पीछे वाली सीट पर जगह दी और खुद गाड़ी चलाकर सुबह का दौरा पूरा किया। इसके साथ शहर के कई बड़े नेता और अधिकारी आज खुद पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग कर रहे हैं या दो पहिया वाहन, साइकिल से दफ्तर जा रहे हैं। 
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महापौर ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
क्या है मामला...
स्वच्छता, स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए 22 सितंबर 2026 मंगलवार को इंदौर शहर में लगातार तीसरे वर्ष नो कार डे का आयोजन किया जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। महापौर ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नो कार डे केवल एक दिन निजी चार पहिया वाहनों का उपयोग न करने का कार्यक्रम मात्र नहीं है। यह स्वच्छ वायु, बेहतर स्वास्थ्य, न्यूनतम प्रदूषण और सुगम यातायात व्यवस्था निर्मित करने की दिशा में इंदौर के नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने जनभागीदारी और नागरिक जागरूकता के बल पर विश्व स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाई है, और यही जनभावना इस अभियान को सफल बनाती है।

पिछले 3 वर्षों में ईंधन बचत और वायु गुणवत्ता के आंकड़े
अभियान के पूर्व वर्षों के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। वर्ष 2023 में आयोजित नो कार डे के दौरान लगभग 80 हजार लीटर ईंधन की बचत हुई थी तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक में 18 प्रतिशत का सुधार देखा गया था। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.50 लाख लीटर ईंधन बचत तक पहुंचा और वायु गुणवत्ता में 38 प्रतिशत का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 2025 में लगभग 1.80 लाख लीटर ईंधन बचा, जिसमें 1 लाख लीटर पेट्रोल और 80 हजार लीटर डीजल शामिल था, जबकि सड़कों पर निजी कारों की आवाजाही में 30 से 32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।

वैकल्पिक परिवहन साधनों के उपयोग की अपील
इन आंकड़ों का हवाला देते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से आग्रह किया है कि 22 सितंबर को दैनिक आवागमन के लिए निजी कारों के स्थान पर सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल या पैदल यात्रा को प्राथमिकता दें। उन्होंने नागरिकों से अपने परिजनों और मित्रों को भी इस पहल से जोड़ने का अनुरोध किया है ताकि भविष्य के परिवहन विकल्पों पर सकारात्मक सोच विकसित की जा सके।
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