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Indore News: ACP की आशिकी मुख्यमंत्री तक पहुंची, मदद के बहाने महिला से बढ़ाई नजदीकियां
Wed, 25 Sep 2024 06:41 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 25 Sep 2024 06:41 PM IST
सार
पति ने खोली अपनी ही पत्नी की पोल, गुप्त मीटिंग्स की तस्वीरें और लव इमोजी से पुलिस विभाग में सनसनी।
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर में एक एसीपी पर एक महिला को आपत्तिजनक मैसेज भेजने और उससे नजदीकियां बढ़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं। महिला अपने पति के साथ विवाद को सुलझाने के लिए एसीपी के पास मदद मांगने गई थी, लेकिन एसीपी ने इस मौके का गलत फायदा उठाते हुए महिला को सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए आपत्तिजनक मैसेज और हीरो-हिरोइन के वीडियो भेजने शुरू कर दिए। महिला के पति को जब इस बात का शक हुआ, तो उसने अपनी पत्नी और एसीपी के बीच हुई वॉट्सऐप चैट को निकाला और इंदौर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच तत्कालीन डीसीपी आदित्य मिश्रा को सौंपी थी। जांच में देरी होती देख पति ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। पति का आरोप है कि एसीपी ने महिला को कई बार गुप्त मीटिंग्स की तस्वीरें और जानकारियां भी भेजीं। पति ने यह भी कहा कि एसीपी की इन हरकतों के बारे में उनके परिवार को बताया जाना चाहिए।
पति को दी धमकियां
सुखलिया इलाके की एक महिला अपने पति के साथ चल रहे आपसी विवाद को लेकर एसीपी के पास मदद मांगने गई थी। महिला का आरोप है कि एसीपी ने मदद करने के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की। इसके साथ ही एसीपी ने उसे कई बार लव इमोजी भेजीं और उसके पति को हवालात में बंद करने की धमकी भी दी। पति ने गृह मंत्रालय, डीजीपी और इंदौर पुलिस कमिश्नर को एसीपी के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत दी। जांच अधिकारी ने महिला का बयान बंद कमरे में लिया, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
थाने बुलाकर डांटा
पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि एसीपी ने उसे कई बार थाने बुलाकर डांट-फटकार लगाई और कई बार जबरन थाने में बिठाए रखा। जब पति को अपनी पत्नी और एसीपी की मिलीभगत का शक हुआ, तो उसने पत्नी के मोबाइल की वॉट्सऐप चैट की हिस्ट्री निकाली, जिससे दोनों के बीच की बातचीत का खुलासा हुआ। पति ने यह चैट पुलिस को सौंपी है।
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गोपनीय जानकारी का खुलासा
पति ने अपनी शिकायत में बताया कि एसीपी ने महिला के साथ गोपनीय जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि एसीपी ने अपनी व्यस्तता दिखाने के लिए महिला के साथ नेपाल के प्रधानमंत्री की इंदौर यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल ड्यूटी का टाइम टेबल शेयर किया। इसके अलावा, डीआईजी ऑफिस में आयोजित एक गोपनीय मीटिंग की तस्वीरें और मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से जुड़े दस्तावेज भी महिला को भेजे गए। यह मामला मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन और मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ जाता है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी ने अपने पद और अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। मामले की शिकायत तत्कालीन पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर को की गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
राज्य की सुरक्षा को खतरा
हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने कहा कि महिलाओं से अमर्यादित वॉट्सऐप चैटिंग करने वाले ऐसे अधिकारी से कोई भी दुश्मन देश आसानी से हनीट्रैप के जरिए गोपनीय जानकारी प्राप्त कर सकता है। ऐसे अफसरों से राज्य की आंतरिक सुरक्षा पर खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं इंदौर के पूर्व पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने कहा कि पीड़िता के पति ने इस तरह की शिकायत की थी। मामला गंभीर था। उस समय जोन-1 के डीसीपी आदित्य मिश्रा को जांच सौंपी गई थी। मेरे ट्रांसफर के कुछ समय पहले ही वह केस मिला था लेकिन ट्रांसफर होने के बाद जांच कहां है पता नहीं।
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पति को दी धमकियां
सुखलिया इलाके की एक महिला अपने पति के साथ चल रहे आपसी विवाद को लेकर एसीपी के पास मदद मांगने गई थी। महिला का आरोप है कि एसीपी ने मदद करने के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की। इसके साथ ही एसीपी ने उसे कई बार लव इमोजी भेजीं और उसके पति को हवालात में बंद करने की धमकी भी दी। पति ने गृह मंत्रालय, डीजीपी और इंदौर पुलिस कमिश्नर को एसीपी के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत दी। जांच अधिकारी ने महिला का बयान बंद कमरे में लिया, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
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थाने बुलाकर डांटा
पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि एसीपी ने उसे कई बार थाने बुलाकर डांट-फटकार लगाई और कई बार जबरन थाने में बिठाए रखा। जब पति को अपनी पत्नी और एसीपी की मिलीभगत का शक हुआ, तो उसने पत्नी के मोबाइल की वॉट्सऐप चैट की हिस्ट्री निकाली, जिससे दोनों के बीच की बातचीत का खुलासा हुआ। पति ने यह चैट पुलिस को सौंपी है।
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गोपनीय जानकारी का खुलासा
पति ने अपनी शिकायत में बताया कि एसीपी ने महिला के साथ गोपनीय जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि एसीपी ने अपनी व्यस्तता दिखाने के लिए महिला के साथ नेपाल के प्रधानमंत्री की इंदौर यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल ड्यूटी का टाइम टेबल शेयर किया। इसके अलावा, डीआईजी ऑफिस में आयोजित एक गोपनीय मीटिंग की तस्वीरें और मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से जुड़े दस्तावेज भी महिला को भेजे गए। यह मामला मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन और मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ जाता है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी ने अपने पद और अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। मामले की शिकायत तत्कालीन पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर को की गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
राज्य की सुरक्षा को खतरा
हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने कहा कि महिलाओं से अमर्यादित वॉट्सऐप चैटिंग करने वाले ऐसे अधिकारी से कोई भी दुश्मन देश आसानी से हनीट्रैप के जरिए गोपनीय जानकारी प्राप्त कर सकता है। ऐसे अफसरों से राज्य की आंतरिक सुरक्षा पर खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं इंदौर के पूर्व पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने कहा कि पीड़िता के पति ने इस तरह की शिकायत की थी। मामला गंभीर था। उस समय जोन-1 के डीसीपी आदित्य मिश्रा को जांच सौंपी गई थी। मेरे ट्रांसफर के कुछ समय पहले ही वह केस मिला था लेकिन ट्रांसफर होने के बाद जांच कहां है पता नहीं।
