फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Neither dangerous trees were cut nor power lines were maintained before monsoon, situation worsened du

Indore: मानूसन से पहले न खतरनाक पेड कटे, न बिजली लाइनों का मेंटेनेस, दो-तीन इंच बारिश में बिगड़े हालात

Wed, 07 May 2025 08:09 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 07 May 2025 08:09 AM IST
सार

इंदौर में 175 खतरनाक श्रेणी के मकान है। वर्षाकाल से पहले नगर निगम मकानों के खतरनाक हिस्सों को हटाता है,ताकि हादसा न हो सके। इंदौर में चार साल पहले एक खतरनाक होटल गिरने से दस लोगों की मौत हो गई थी। इस तरह के हादसों से भी नगर निगम ने सबक नहीं लिया है।

विज्ञापन
Indore: Neither dangerous trees were cut nor power lines were maintained before monsoon, situation worsened du
कई जगह गाड़ियों पर भी पेड़ गिर गए - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर में तीन दिन से शहरवासी जलजमाव, बिजली गुल, ट्रैफिक जाम से परेशान है। मानूसन के समय तेज हवा के साथ बारिश होना सामान्य बात है, लेकिन शहर की जिम्मेदारी उठाने वाले विभागों की लापरवाही के कारण इंदौर में हालात बिगड़े है।

विज्ञापन

इससे जु़ड़ी खबर पढ़ें:  इंदौर में रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई इलाकों की बिजली गुल

विज्ञापन

शहर में न तो स्टार्म वाटर लाइन, नालों की ठीक से सफाई हुई है और न ही बिजली कंपनी ने तारों पर झूलती टहनियों को हटाया। लाइनों के रख रखाव के बजाए सारा जोर बिजली बिल वसूली पर लगा रहा। लोग बिजली कंपनी से ज्यादा नाराज है, क्योकि गुल होने के बाद बिजली चार से छह घंटे में आ रही है। चार साल पहले आधे घंटे में फाॅल्ट खोजकर बिजली व्यवस्था बहाल हो जाती थी, लेकिन अब बिजली कंपनी के स्टाॅफ को फाल्ट खोजने में ही टाइम लग जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

खतरनाक मकानों को सिर्फ नोटिस

इंदौर में 175 खतरनाक श्रेणी के मकान है। वर्षाकाल से पहले नगर निगम मकानों के खतरनाक हिस्सों को हटाता है,ताकि हादसा न हो सके। इंदौर में चार साल पहले एक खतरनाक होटल गिरने से दस लोगों की मौत हो गई थी। इस तरह के हादसों से भी नगर निगम ने सबक नहीं लिया है। इस साल खतरनाक मकानों को सिर्फ नोटिस दिया गया है। नगर निगम ने शहर के खतरनाक पेड़ों को भी नहीं हटाया है। जेल रोड, मल्हारअाश्रम, एरोड्रम रोड, पोलोग्राउंड सहित कई मार्गों पर पुराने और खतरनाक पेड़ है।

 

बढ़ गए जलजमाव वाले क्षेत्र

शहर में जलजमाव भी एक बड़ी समस्या बन चुका है,क्योकि पुरानी बसाहट वाले इलाकों की सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन नहीं है। पिछले साल शहर में जलजमाव के बाद नगर निगम ने 50 से ज्यादा क्षेत्र चिन्हित किए थे, लेकिन इस साल जिन मार्गों पर निर्माण कार्य हो रहा है। वहां जलजमाव ज्यादा नजर आया। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि तीन दिन में हुई बारिश में जलजमाव के जो नए इलाके सामने आए है। वहां भी हम जल निकासी की व्यवस्था करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed