Indore News: ग्रीन बांड जारी करेगा इंदौर नगर निगम, जानिए जनता को क्या होगा फायदा
स्वच्छता में सात बार से देश में पहले स्थान पर इंदौर को साफ रखने वाला नगर निगम एक और नवाचार करने जा रहा है। नगर निगम सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए ग्रीन बांड जारी करेगा। जलूद में 286 करोड़ की लागत से सोलर पावर प्लांट बनाया जाएगा। उससे पैदा होने वाली बिजली से पहाड़ों को लांघ कर पानी इंदौर पहुंचाया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अभी हर साल इंदौर तक पानी पहुंचाने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपये बिजली बिल के पैसे नगर निगम को चुकाना पड़ते हैं। नगर निगम देश का पहला नगरीय निकाय होगा, जो किसी प्रोजेक्ट के लिए ग्रीन बांड जारी करेगा। आम लोग भी पहली बार इस बांड में निवेश कर सकेंगे। उनके लिए बांड की कीमत 10 हजार रुपये होगी।
मेयर ने बताया कि निगम को उम्मीद है कि ग्रीन बांड से नगर निगम को ढाई सौ करोड़ रुपये मिल सकते हैं। इसे खरीदने वालों को आठ प्रतिशत से ज्यादा ब्याज मिलेगा, जिसका अर्धवार्षिक भुगतान होगा। पिछले सप्ताह निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने मर्चेंट बैंक और लीगल कन्सलटेंट के प्रतिनिधियों से चर्चा की। निगम को सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड से दिसंबर तक बांड के लिए अनुमति मिल जाएगी। जनवरी में शहर में प्रवासी सम्मेलन होगा। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में बांड के जारी होने की घंटी भी सांकेतिक तौर पर बजाई जाएगी।
जलूद में नगर निगम 60 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाएगा। इससे जो बिजली बनेगी, उससे चार करोड़ रुपये प्रतिमाह के बिजली भुगतान में कमी आएगी। अभी नर्मदा तट से इंदौर तक 70 किलोमीटर दूरी तय कर पानी इंदौर लाया जाता है। बिजली बिल की खपत कम करने के लिए नर्मदा तृतीय चरण में दो सुरंगों का भी निर्माण किया गया। तीन चरणों से शहर में 500 एमएलडी पानी इंदौर लाया जाता है।
अलग- अलग थीम पर सजाएंगे इंदौर...
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रवासी सम्मेलन इंदौर का सबसे बड़ा इवेंट है। शहर की गलियों चौराहों को नगर निगम अलग-अलग थीम पर सजाएगा। मेहमानों को इंदौर में घर जैसा अनुभव हो। इसके लिए हम मेहमानों को इंदौर के परिवारों के यहां भी रुकवाएंगे। शहर के पुरानी इमारतों को रोशनियों से सजाया जाएगा। आयोजन स्थल के आसपास विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। सम्मेलन से पहले से इंदौर और सुंदर हो जाएगा। यहां के छात्रों को प्रवासी भारतियों से मिलवाया जाएगा। शहर के विकास में वे क्या योगदान दे सकते हैं, इसके बारे में भी उनसे सुझाव लिए जाएंगे।
