फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Most experiments in construction in the state, two-three layer bridge and tunnel are being built here.

Indore: निर्माण को लेकर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रयोग इंदौर में, टू-थ्री लेयर ब्रिज,सुरंग बन रही यहां

Sun, 06 Oct 2024 08:59 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 06 Oct 2024 08:59 PM IST
सार

ब्रिज की ऊंचाई जमीन से 70 फीट ऊंची रखी गई है,क्योकि ब्रिज के नीचे से मेट्रो ट्रेक भी पार हो रहा है। ट्रेक और ब्रिज के बीच तय नियमों के तरह दूरी रखी गई है। ब्रिज ऊंचा होने के कारण इसकी लंबाई भी ज्यादा है। यह ब्रिज अरबिंदो अस्पताल के समीप उतरेगा।

विज्ञापन
Indore: Most experiments in construction in the state, two-three layer bridge and tunnel are being built here.
इंदौर में तैयार हो रहा डबल डेकर ब्रिज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में सड़कों और विकास कार्यों में सबसे ज्यादा प्रयोग हो रहे है। यहां डबल डेकर और ट्रिपल लेयर ब्रिज बन रहे है। अब एक और डबल डेकर ब्रिज बनाने की प्लानिंग हो रही है। इंदौर जिले में हाईवे पर सुरंग भी प्रदेश में सबसे पहले बन रही है।

विज्ञापन

 

इंदौर में अब निर्माण कार्यों की गति तेज हो गई है। पहले जहां चार से पांच सालों में एक ब्रिज बमुश्किल तैयार होते थे, अब दो साल में चार-पांच ब्रिज एक साथ आकार ले रहे है।

विज्ञापन

 

70 फीट ऊंचाई पर बन रहा ब्रिज

इंदौर-उज्जैन रोड के लवकुश चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज सालभर में बन कर तैयार हो जाएंगे। एक ब्रिज गांधी नगर की तरफ बना रहा है,जबकि एक ब्रिज इंदौर-उज्जैन रोड पर बन रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


इस ब्रिज की ऊंचाई जमीन से 70 फीट ऊंची रखी गई है,क्योकि ब्रिज के नीचे से मेट्रो ट्रेक भी पार हो रहा है। ट्रेक और ब्रिज के बीच तय नियमों के तरह दूरी रखी गई है। ब्रिज ऊंचा होने के कारण इसकी लंबाई भी ज्यादा है। यह ब्रिज अरबिंदो अस्पताल के समीप उतरेगा।

 

एमआर-10 जंक्शन पर अंडर पास के उपर ब्रिज

 

इंदौर बाईपास से शहर में आने वाले वाहनों की एंट्री आसान करने के लिए एमआर-10 जंक्शन पर तीन रास्ते निकाले जा रहे है। विजय नगर चौराहा से हरदा बाइपास को जोड़ने के लिए अंडरपास बन रहा है। फिर देवास से राऊ की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए एक ब्रिज बन रहा।

इसके बाद फिर विजय नगर से बायपास के पार की काॅलोनियों व सर्विस रोड को जोड़ने के लिए ब्रिज तैयार हो रहा है। इस तरह का प्रदेश में पहला ब्रिज इंदौर में ही तैयार हो रहा है। इसके अलावा इंदौर-खंडवा रोड फोरलेन रोड पर पहाड़ों को काट कर सुरंग भी बनाई जा रही है।



बीआरटीएस का प्रयोग भी सबसे पहले इंदौर में

पंद्रह साल पहले इंदौर में देश का पहला बीआटीएस प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था। 300 करोड़ रुपये खर्च कर अलग-अलग लेन बनाई गई। आई बस के लिए एक लेन बनी। इंदौर के अलावा दिल्ली, पुणे, भोपाल और अहमदाबाद में बीआरटीएस बना था, लेकिन बीआरटीएस का सफल संचालन इंदौर और अहमदाबाद में हो रहा है। भोपाल में भी बीआरटीएस का काफी विरोध हुऔ और कुछ हिस्सों में उसे हटाने का फैसला लिया गया। दिल्ली और पुणे में भी बीआरटीएस हटा दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed