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Indore: कांवड़ यात्रा में 40 से ज्यादा लोग लापता, सात मृतकों को पंडित मिश्रा ने बीमार बता कर पल्ला झाड़ा

Fri, 08 Aug 2025 07:27 AM IST
Abhishek Chendke अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 08 Aug 2025 07:27 AM IST
सार

प्रशासन ने ‘जांच-जांच’ खेलते हुए आयोजकों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के बजाए ज्यादा शोर मचाने के आरोप में आठ डीजे वाहन जब्त कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। कांवड़ यात्रा के दौरान सात मृतकों को भी पंडित मिश्रा ने बीमार बता दिया।

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Indore: More than 40 people missing in Kanwar Yatra, Pandit Mishra shrugged off the seven deaths by saying the
सिहोर में कांवड़ यात्रा के दौरान लोग बीमार हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के सिहोर में आस्था के नाम पर हुई लापरवाही पर आयोजकों का बेशर्म रवैया और प्रशासनिक ढीलपोल भी पर्दा डाल रही है। कांवड़ यात्रा में आए 40 से ज्यादा लोग लापता है। बीमार लोग सरकारी अस्पतालों के बिस्तरों पर तड़प रहे है और पंडित मिश्रा ने सात मृतकों को बीमार बता कर पल्ला झाड़ लिया। प्रशासन ने ‘जांच-जांच’ खेलते हुए आयोजकों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के बजाए ज्यादा शोर मचाने के आरोप में आठ डीजे वाहन जब्त कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

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मुंह में दही जमाए बैठे अफसर पिछली घटना से सबक लेने के बजाए बगैर सवाल उठाए चुपचाप अनुमतियों पर हस्ताक्षर करते रहे और अब ‘अनुमान से अधिक भीड़’ का हवाला देकर हाथ ऊंचे कर दिए।कांवड़ यात्रा में आए कई लोग बीमार है और सिहोर के जिला अस्पताल में भर्ती है। कई परिवारों के सदस्य बिछड़ गए है। वे उन्हें खोजने के लिए यहां-वहां चक्कर लगा रहे है।

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इस लापरवाही के क्या कहने...

-पंडित मिश्रा ने कांवड़ यात्रा की अनुमति सिहोर प्रशासन से मांगी। उसमें संख्या नहीं बताई। भीड़ नियंत्रण के लिए  आयोजकों की तरफ से कोई इंतजाम नहीं थे। आयोजक इसके लिए प्रशासन के भरोसे बैठे रहे।

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- कुबेरेश्वर धाम में अनुमानित भीड़ के हिसाब से न रहने व ठहरने के इंतजाम थे और न शौचालयों की व्यवस्था थी। लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिला।

-भीड़ जुटाने के लिए इस बार भी रुद्राक्ष वितरण का सहारा लिया गया। प्रचार किया गया कि रुद्राक्ष अभिमंत्रित है।उसके चक्कर में ही भीड़ जुटी। प्रशासन ने उस पर रोक लगाना उचित नहीं समझा।

- पंडित मिश्रा भीड़ नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग दिन,अलग-अलग राज्यों के लोगों को बुला सकते थे, लेकिन उन्होंने हर कथा में प्रचार किया कि एक जोड़ी कपड़े में आना, धाम पर सब इंतजाम मिलेंगे, लेकिन लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिला।

 

सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे धार्मिक लापरवाही पर सवाल

सिहोर में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सात मौतों व दो दिन के जाम पर लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे है

-‘आयोजन करेंगे मिश्रा जी, फेमस होए मिश्राजी, करोड़ों कमाए मिश्राजी और इंतजाम करे सरकार’- स्वप्नील मजूमदार

-‘अगर एक छोटी सी कांवड़ यात्रा नहीं संभल पा रही है तो फिर सिंहस्थ कैसे संभाल पाएगी सरकार। करोड़ श्रद्धालु और जान का सवाल है।’- अभिषेक गावड़े

-‘पैसा आपका, जान आपकी, सड़क आपकी, आम इंसान की जान आपकी। किस्मत के मारे, परेशान लोग आपके पास जान देने आए थे।’-निशा झा

 

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