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इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन: 5 हजार करोड़ के टेंडर जारी, 4 साल में बदलेगी मालवा-निमाड़ की तस्वीर
Wed, 30 Sep 2026 10:27 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 30 Sep 2026 10:27 PM IST
सार
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना के लिए मध्य रेलवे ने 4,930.91 करोड़ का ई-टेंडर जारी किया है। इसके तहत महू से ग्यासपुरखेड़ी के बीच 72.66 किमी रेल लाइन, 25 बड़े पुल और 7 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे मालवा-निमाड़ का आर्थिक विकास तेज होगा।
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इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर और मालवा-निमाड़ क्षेत्र के निवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना अब वास्तविक रूप से जमीन पर शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। मध्य रेलवे के निर्माण संगठन ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के एक अहम हिस्से के निर्माण कार्य हेतु लगभग 5 हजार करोड़ का टेंडर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
सांसद शंकर लालवानी ने व्यक्त किया आभार
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन मालवा-निमाड़ अंचल की वर्षों पुरानी और बेहद जरूरी मांग रही है। अब इस परियोजना पर मैदानी स्तर पर काम शुरू होने की राह आसान हो गई है। सांसद लालवानी ने कहा कि इस रेल लाइन के लिए करीब 5 हजार करोड़ का टेंडर जारी होना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके लिए लंबे समय से निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के पूरा होने से मालवा-निमाड़ का महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के साथ सीधा और मजबूत रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल व उपज बड़े राष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय उद्योग, व्यापार और वाणिज्य को नई गति मिलेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
4,930.91 करोड़ की लागत से बनेगा पहला चरण
जारी किए गए ईपीसी ई-टेंडर के अनुसार, शुरुआती चरण में डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से लेकर ग्यासपुरखेड़ी तक कुल 72.66 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण किया जाएगा। इस विशेष कार्य की अनुमानित लागत 4,930.91 करोड़ तय की गई है, जो लगभग 5 हजार करोड़ के बराबर है। ठेका आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात संबंधित निर्माण एजेंसी को इस पूरे कार्य को 48 महीने यानी चार वर्षों की तय समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
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25 बड़े पुल, 7 नए स्टेशन और भारी इंफ्रास्ट्रक्चर
पहाड़ी और मैदानी दोनों प्रकार के भौगोलिक क्षेत्रों से होकर गुजरने के कारण इस रेलखंड पर बड़े स्तर पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के इस हिस्से में 25 बड़े रेलवे पुल, कई छोटे पुल, 4 रोड ओवर ब्रिज (ROB) तथा टनल का निर्माण शामिल है। इसके अलावा एक विशाल और ऊंचा रेलवे वायडक्ट बनाना भी प्रस्तावित है। 72.66 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कुल 7 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें ग्यासपुरखेड़ी, चिकट्यावड़, नीमगढ़, सराय तालाब, झाड़ी बड़ौदा, केलौद और कमदपुर शामिल हैं।
मालवा-निमाड़ के आर्थिक विकास को मिलेगी नई ऊंचाई
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को मालवा-निमाड़ के सर्वांगीण और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से एक गेम-चेंजर माना जा रहा है। रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने से कृषि उत्पादों की त्वरित आवाजाही, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके जरिए इंदौर सहित आसपास के जिलों को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से सीधा जुड़ाव मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत और समय दोनों में भारी कमी आएगी।
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सांसद शंकर लालवानी ने व्यक्त किया आभार
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन मालवा-निमाड़ अंचल की वर्षों पुरानी और बेहद जरूरी मांग रही है। अब इस परियोजना पर मैदानी स्तर पर काम शुरू होने की राह आसान हो गई है। सांसद लालवानी ने कहा कि इस रेल लाइन के लिए करीब 5 हजार करोड़ का टेंडर जारी होना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके लिए लंबे समय से निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के पूरा होने से मालवा-निमाड़ का महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के साथ सीधा और मजबूत रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल व उपज बड़े राष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय उद्योग, व्यापार और वाणिज्य को नई गति मिलेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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4,930.91 करोड़ की लागत से बनेगा पहला चरण
जारी किए गए ईपीसी ई-टेंडर के अनुसार, शुरुआती चरण में डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से लेकर ग्यासपुरखेड़ी तक कुल 72.66 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण किया जाएगा। इस विशेष कार्य की अनुमानित लागत 4,930.91 करोड़ तय की गई है, जो लगभग 5 हजार करोड़ के बराबर है। ठेका आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात संबंधित निर्माण एजेंसी को इस पूरे कार्य को 48 महीने यानी चार वर्षों की तय समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
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25 बड़े पुल, 7 नए स्टेशन और भारी इंफ्रास्ट्रक्चर
पहाड़ी और मैदानी दोनों प्रकार के भौगोलिक क्षेत्रों से होकर गुजरने के कारण इस रेलखंड पर बड़े स्तर पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के इस हिस्से में 25 बड़े रेलवे पुल, कई छोटे पुल, 4 रोड ओवर ब्रिज (ROB) तथा टनल का निर्माण शामिल है। इसके अलावा एक विशाल और ऊंचा रेलवे वायडक्ट बनाना भी प्रस्तावित है। 72.66 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कुल 7 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें ग्यासपुरखेड़ी, चिकट्यावड़, नीमगढ़, सराय तालाब, झाड़ी बड़ौदा, केलौद और कमदपुर शामिल हैं।
मालवा-निमाड़ के आर्थिक विकास को मिलेगी नई ऊंचाई
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को मालवा-निमाड़ के सर्वांगीण और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से एक गेम-चेंजर माना जा रहा है। रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने से कृषि उत्पादों की त्वरित आवाजाही, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके जरिए इंदौर सहित आसपास के जिलों को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से सीधा जुड़ाव मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत और समय दोनों में भारी कमी आएगी।
