Indore: इंदौर के समीप पीथमपुर में बन रहा 255 एकड़ में लाजिस्टिक पार्क, बजट में मिले 60 करोड़
सैकड़ों बड़ी कंपनियां को अपने उत्पाद सड़क मार्ग से दूसरे राज्यों तक पहुंचाना पड़ते हैै। या फिर रेल परिवहन के लिए इंदौर तक माल पहुंचाना पड़ता हैै। पीथमपुर तक रेल लाइन बिछाए जाने के बाद और मल्टी लाजिस्टिक पार्क बनने से परिवहन मेें और आसानी होगी।
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इंदौर से 40 किलोमीटर दूर पीथमपुर में मल्टी माॅॅडल लाजिस्टिक पार्क आकार ले रहा है। 255 एकड़ में इसके एक चरण का निर्माण हो रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 60 करोड़ रुपये बजट में मंजूर किए है। दो साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। इंदौर सेे दाहोद तक रेल लाइन बिछाई जा रही है।
इंदौर से पीथमपुर के आगे टीही तक का काम चल रहा है। यहां एक सुरंग भी तैयार हो चुकी है। रेल लाइन शुरू होने के बाद पीथमपुर से दूसरे शहरों तक कंटेनर परिवहन आसान हो जाएगा।
लाजिस्टिक पार्क बनने से यहां कंपनियों को अपने उत्पाद रखने में आसानी होगी। पिछले साल पार्क का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था। वैसे इस प्रोेजेक्ट पर डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च होना है, लेकिन पहले चरण में 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पार्क के लिए 22 हेक्टेयर जमीन है, कुछ जमीनों के अधिगृहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसलिए पीथमपुर को चुना पार्क के लिए
मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से में है। देश का पहले एसईझेड भी पीथमपुर में है। यहां सैकड़ों बड़ी कंपनियां को अपने उत्पाद सड़क मार्ग से दूसरे राज्यों तक पहुंचाना पड़ते हैै। या फिर रेल परिवहन के लिए इंदौर तक माल पहुंचाना पड़ता हैै। पीथमपुर तक रेल लाइन बिछाए जाने के बाद और मल्टी लाजिस्टिक पार्क बनने से परिवहन मेें और आसानी होगी।
अभी पेरिशेबल गुड्स पीथमपुर से दूसरे शहरों में भेजने में परेशानी आती है, लेकिन पार्क में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी रहेगी। इससे सब्जियां, फल, फूल व अन्य उत्पाद भी दूसरे शहरों तक भेजे जा सकेंगे। देश के अलग अलग शहरों में 35 पार्क बनना है। इसमें पीथमपुर भी शामिल है। टीही में कंटेनर डिपो है। पार्क में भी एक कंटेनर डिपो अलग से बनाया जाएगा। इस पार्क के बनने से इंदौर की इंडस्ट्री के विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
