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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Indore's first ITI hostel has turned into a ruin; 60 students live amidst danger.

इंदौर: ग्राउंड रिपोर्ट- इंदौर के पहले आईटीआई का होस्टल हो गया खंडहर, खतरों के बीच रहते है 60 बच्चे

Thu, 10 Sep 2026 08:22 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Thu, 10 Sep 2026 08:22 AM IST
सार

इंदौर के पहले आईटीआई हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के सुरक्षा की चिंता भी सताती है। जर्जर छत और दीवारों से उखड़ता प्लास्टर, सीलन में करंट का खतरा, टूटे बाथरूम, गायब नल-टोटियां हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहे हैं। 

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Indore: Indore's first ITI hostel has turned into a ruin; 60 students live amidst danger.
इस होस्टल में रहते है बच्चे - फोटो : amarujala

विस्तार

इंदौर के पहले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में दूसरे शहरों से आकर पढ़ने वाले बच्चों के लिए संस्थान ने हॉस्टल की सुविधा दी है। पढ़ने के बाद जब बच्चे हॉस्टल जाते हैं तो हमेशा उन्हें यह डर बना रहता है कि छत का प्लास्टर उन पर न गिर पड़े या फिर सीलन से भरी दीवार में बहता करंट बिजली का स्विच चालू करते समय झटका न दे जाए।
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Indore: Indore's first ITI hostel has turned into a ruin; 60 students live amidst danger.
पिलरों में भी दरारें हैं। - फोटो : amarujala
हॉस्टल बिल्डिंग में 50 से ज्यादा कमरे हैं, लेकिन आगे वाला ब्लॉक रहने लायक स्थिति में नहीं है। बरामदे में अटाला रखा है। पीछे वाले ब्लॉक के बाथरूम के दरवाजे टूटे हैं। टाइल्स उखड़ चुकी हैं और नल-टोटियां गायब हो चुकी हैं। मेंटेनेंस के नाम पर सालभर में जो भी राशि मंजूर होती है, उसके काम पूरे हॉस्टल में नजर नहीं आ रहे हैं।
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होस्टल के बाथरुम के ये हाल - फोटो : amarujala

पिलरों में भी दरारें आ गईं

छत और दीवारों के प्लास्टर तो कई जगह उखड़े हैं, लेकिन गंभीर स्थिति यह है कि कुछ पिलरों में भी दरारें हैं। ये बिल्डिंग को कमजोर कर सकती हैं और हादसे की वजह बन सकती हैं। यहां रहने वाले विद्यार्थी अपनी पहचान उजागर किए बगैर समस्याओं की पूरी फेहरिस्त सामने रख देते हैं।

उनका कहना है कि पीने का पानी हमें कई बार बाहर से लाना पड़ता है। कई बार हॉस्टल की बिजली गुल हो जाती है। हॉस्टल बिल्डिंग तक आने वाला रास्ता बारिश के दौरान नदी जैसा बन जाता है। कई बार शिकायत की तो अब मलबा डाला गया है। बिल्डिंग में पेस्ट कंट्रोल बरसों से नहीं हुआ है। परिसर के कच्चे हिस्से में चूहों की बस्तियां बन चुकी हैं। इस कारण सांपों का डर भी हॉस्टल में बना रहता है। कई चूहों ने जमीन के हिस्सों को खोखला कर दिया है। इस कारण टाइल्स भी उखड़ गई हैं।

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