{"_id":"66eee1053a8ea3167505e399","slug":"indore-indore-contractors-had-taken-contracts-worth-rs-468-crore-by-making-a-ring-the-corporation-canceled-t-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: इंदौरी ठेेकेदारों ने रिंग बनाकर कर ली थी 468 करोड़ केे ठेके लेने की तैयारी,निगम ने किए टेंडर निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: इंदौरी ठेेकेदारों ने रिंग बनाकर कर ली थी 468 करोड़ केे ठेके लेने की तैयारी,निगम ने किए टेंडर निरस्त
Sat, 21 Sep 2024 08:44 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:44 PM IST
सार
चारों फर्मों के टेेंडर केे लिए लामबंद होने का हल्ला मचा तो नगर निगम ने भी टेंडर निरस्त कर विवाद से बचने की कोशिश है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर का कहना है कि टेेंडर निरस्त किए गए है, ताकि नए सिरे से स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा हो सके।
विज्ञापन
इंदौर नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर में मास्टर प्लान की 22 सड़कों के निर्माण केे टेंडर नगर निगम ने चार पैकेज में जारी किए थे। इंदौर के चार ठेकेदारों ने रिंग बनाकर हर पैकेज मेें दो-दो टेंडर में इस तरह की दरें भरी कि सभी को एक-एक पैकेज का टेेंडर खुल जाए। हुआ भी कुछ
विज्ञापन
ऐसा ही। टेंडर भी तय रेट से 9 प्रतिशत तक ज्यादा आए। ठेकेदारों के टेंडर मंजूर होते, उससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने आपत्ति दर्ज करा दी। उनका आरोप था कि ठेके देने पर नगर निगम को 40 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने अफसर और ठेेकेदारों पर मिलीभगत के आरोप भी लगाए।
विज्ञापन
दरअसल केंद्र सरकार ने सड़कों के निर्माण के लिए नगर निगम को साढ़े चार सौ करोड़ की राशि दी है। इस राशि से नगर निगम ने 22 मार्गों को बनाने का फैसला लिया था और टेंडर जारी किए थे। चार पैकेज के टेंडरों में पीडी अग्रवाल, बीआर गोयल, सोम प्रोेजक्ट और हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर ने टेंडर डाले थे।
विज्ञापन
चारों फर्मों के टेेंडर केे लिए लामबंद होने का हल्ला मचा तो नगर निगम ने भी टेंडर निरस्त कर विवाद से बचने की कोशिश है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर का कहना है कि टेेंडर निरस्त किए गए है, ताकि नए सिरे से स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा हो सके और 22 सड़कों का निर्माण भी गुणवत्तापूर्ण हो।
जल्दी ही नए सिरे से टेंडर बुलाए जाएंगे। हम दो साल में सभी सड़कों का निर्माण पूरा करना चाहते है। इंदौर मेें अभी तक एमआर-5,एमआर-3 सहित अन्य मास्टर प्लान की सड़कें नहीं बन पाई है। 22 सड़कों के निर्माण की मंजूरी दो माह पहले निगम के बजट सम्मेलन में भी दी गई थी।
