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इंदौरः निगम के 100 से अधिक केंद्रों पर एकत्रित होंगी गणेश प्रतिमाएं, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से होगा विसर्जन
Sun, 20 Sep 2026 11:05 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:05 AM IST
सार
इंदौर नगर निगम अनंत चतुर्दशी पर 100 केंद्रों से गणेश प्रतिमाएं एकत्रित कर 25 और 26 सितम्बर को जवाहर टेकरी खदान में विसर्जित करेगा। धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए वर्कशॉप टीम द्वारा तैयार हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक से सुरक्षित विसर्जन होगा।
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गणेश प्रतिमा विसर्जन। संवाद
विस्तार
शहरभर में गणेशोत्सव का उल्लास बना हुआ है और इसके साथ ही अनंत चतुर्दशी के चल समारोह की प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। नगर निगम द्वारा शहर के सभी 85 वार्डों से हजारों की संख्या में छोटी-बड़ी श्री गणेश प्रतिमाएं एकत्रित की जाएंगी। इन प्रतिमाओं का विसर्जन जवाहर टेकरी गिट्टी खदान के जल कुंड में पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा। निगम प्रशासन के अनुसार यह विसर्जन प्रक्रिया 25 सितम्बर से शुरू होगी और 26 सितम्बर तक दो दिनों तक लगातार जारी रहेगी।
प्रतिमा एकत्रीकरण और स्पेशल प्लेटफॉर्म
नागरिकों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक श्री गणेश प्रतिमा एकत्रीकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं। नगर निगम बीते कई वर्षों से पांडालों के माध्यम से प्रतिमाएं जमा करता आ रहा है। इस बार विसर्जन प्रक्रिया को अधिक सम्मानजनक और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है। पूर्व में निगम पर विसर्जन के दौरान लापरवाही और धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप लगते रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और नई तकनीक का उपयोग
प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह व्यवस्थाएं की गई हैं। शहरभर में बनाए गए पर्यावरण हितैषी कुंडों में भी नागरिक माटी के गणेश का विसर्जन करेंगे। वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे के मार्गदर्शन में इंजीनियरों और कर्मचारियों द्वारा तैयार किए गए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिमाओं को बिना हाथ से पानी में उतारे सुरक्षित तरीके से विसर्जित किया जाएगा।
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सीधे जल में समाहित होंगी प्रतिमाएं
इस प्रक्रिया के तहत एकत्रित प्रतिमाओं को सबसे पहले प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। इसके बाद मशीन की मदद से प्लेटफॉर्म को वर्षा जल में उतारा जाएगा। निर्धारित गहराई तक पहुंचने के बाद कंट्रोल सिस्टम से प्लेटफॉर्म का निचला हिस्सा खुल जाएगा, जिससे प्रतिमाएं स्वतः जल में विसर्जित हो जाएंगी। विसर्जन स्थल पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रभारी महापौर, निगम आयुक्त, सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाडिया, अपर आयुक्त आकाश सिंह और अभय राजनगांवकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
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प्रतिमा एकत्रीकरण और स्पेशल प्लेटफॉर्म
नागरिकों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक श्री गणेश प्रतिमा एकत्रीकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं। नगर निगम बीते कई वर्षों से पांडालों के माध्यम से प्रतिमाएं जमा करता आ रहा है। इस बार विसर्जन प्रक्रिया को अधिक सम्मानजनक और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है। पूर्व में निगम पर विसर्जन के दौरान लापरवाही और धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप लगते रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
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पर्यावरण संरक्षण और नई तकनीक का उपयोग
प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह व्यवस्थाएं की गई हैं। शहरभर में बनाए गए पर्यावरण हितैषी कुंडों में भी नागरिक माटी के गणेश का विसर्जन करेंगे। वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे के मार्गदर्शन में इंजीनियरों और कर्मचारियों द्वारा तैयार किए गए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिमाओं को बिना हाथ से पानी में उतारे सुरक्षित तरीके से विसर्जित किया जाएगा।
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सीधे जल में समाहित होंगी प्रतिमाएं
इस प्रक्रिया के तहत एकत्रित प्रतिमाओं को सबसे पहले प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। इसके बाद मशीन की मदद से प्लेटफॉर्म को वर्षा जल में उतारा जाएगा। निर्धारित गहराई तक पहुंचने के बाद कंट्रोल सिस्टम से प्लेटफॉर्म का निचला हिस्सा खुल जाएगा, जिससे प्रतिमाएं स्वतः जल में विसर्जित हो जाएंगी। विसर्जन स्थल पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रभारी महापौर, निगम आयुक्त, सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाडिया, अपर आयुक्त आकाश सिंह और अभय राजनगांवकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
