Indore: गुदड़ी के लाल कर गए कमाल, पार्क में बैठकर पढ़े और पा ली सरकारी नौकरी
नेहरु पार्क की इस कोचिंग में न तो फीस लगती है और न ही कोई फैकल्टी है। जिस छात्र का चयन सरकारी नौकरी के लिए हुआ, वह समय निकाल कर यहां आता था और दूसरे छात्रों की तैयारी करवाता था। पढ़ो-पढ़ाओ और आगे बढ़ो की थीम पर सब आगे बढ़े हैं।
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यूं तो शहर के बगीचे मनोरंजन, खेलने के काम आते हैं, लेकिन इंदौर के नेहरू पार्क के खुले आसमान और हरी घास के बिछौने को गरीब व मध्यमवर्गीय युवाओं ने अपनी कोचिंग क्लास बनाया । यहां वे पांच-छह घंटे बैठकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते और फिर सरकारी नौकरी पा जाते । इन विद्यार्थियों ने 25 साल पहले चाणक्य संस्था बनाई थी। इन वर्षों में पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी नौकरी पा गए। कोई रेलवे में टीसी बना तो कोई पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर। ये सरकारी अफसर फिर मिले और पुराने दिनों को याद किया।
इस बगीचे की खुली कोचिंग में न तो फीस लगती है और न ही कोई फैकल्टी है। जिस छात्र का चयन सरकारी नौकरी के लिए हुआ, वह समय निकाल कर यहां आता था और दूसरे छात्रों की तैयारी करवाता था। यहां पढ़ने वाले वे छात्र हैं जो गोमा की फेल, कुलकर्णी भट्टा, पांचू की चाल जैसी जगहों पर रहते हैं और बड़ी कोचिंगों की फीस उनके माता-पिता नहीं दे पाते हैं।
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सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर की नौकरी पा चुके दयाल भाटकर बताते हैं कि उन्होंने भी पार्क में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की। किस तरह परीक्षा देना है, इंटरव्यू में क्या हो सकता है, इसकी ट्रेनिंग भी उनको यहां मिली और सफलता भी। वे अब दूसरों को बताते हैं कि कैसे चयन होगा।
धीरज हार्डिया रेलवे में टिकट कलेक्टर हैं। वे भी पार्क में ही पढ़े हैं और अब नियमित यहां विद्यार्थियों को पढ़ाने आते हैं। इस समूह को 25 साल से संचालित करने वाले राजू सैनी कहते हैं कि हमारे समूह का एक ही लक्ष्य है पढ़ो-पढ़ाओ और आगे बढ़ो। खुद ने सफलता हासिल कर ली, तो यह आपकी निजी उपलब्धि है। इससे ज्यादा खुशी दूसरों को सफलता दिलाने में मिलती है।
25 साल मेें पांच हजार नौकरियां
पार्क में पढ़ने-पढ़ाने की शुरुआत 25 साल पहले हुई थी। यहां जो छात्र-छत्राएं पढ़ने आते है। उसकी प्रतियोगी परीक्षा के हिसाब से तैयारी कराते है। यदि रेलवे में कोई भर्ती निकली है तो छात्रों को उसकी तैयारी करने के लिए कहा जाता है। जो इच्छुक रहता है वह कक्षा में बैठकर सिलेबस के हिसाब से तैयारी करता है। पूर्व में जिनका सिलेक्शन होता है। उन्हें कैसे परीक्षा पास की। इसे वे कक्षा में आकर बताते है। क्या गलतियां नहीं करना है। टाइम मैनेजमेंट कैसे करते है। यह भी बताया जाता है। इसके अलावा नौकरी पा चुके छात्र उन्हें लगातार प्रेरित करते है ताकि वे परीक्षा पास करने के लिए अपने आत्मविश्वास को जगा सके। इस समूह से जुड़कर अब तक रेलवे, बैंक, पुलिस, नगर निगम, पंचायत विभाग, कलेक्टर कार्यालय में नौकरी पा चुके है।
