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Indore: देह दान करने पर इंदौर में पहली बार दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, निजी मेडिकल काॅलेज को सौंपा पार्थिव शरीर

Fri, 22 Aug 2025 12:26 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 22 Aug 2025 12:26 PM IST
सार

जवाहर मार्ग निवासी अशोक वर्मा का गुरुवार रात निधन हो गया था। जब वे जीवित थे तो परिजनों से कहा था कि मृत्यु होने पर अंत्येष्टी करने के बजाए उनका देहदान किया जाए। परिजन ने देहदान, नेत्रदान एवं त्वचादान के लिए दधीचि मिशन से संपर्क किया।

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Indore: Guard of honor received for donating body for the first time in Indore, body handed over to medical co
देहदान करने पर शस्त्रों से सलामी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंगदान में इंदौर देश में पहले स्थान पर है। यहां कई लोग देहदान भी करते हैं। शुक्रवार को पहला मौका था जब 80 वर्षीय अशोक वर्मा की इच्छा अनुसार उनकी देह एक निजी मेडिकल काॅलेज को सौंपी गई। उससे पहले पुलिस जवानों ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अभी तक गार्ड ऑफ ऑनर शहीदों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दिया जाता था, लेकिन बीते दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदेश दिया था कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति देह दान करेगा, उसकी मृत्यु होने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।

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इस आदेश के बाद इंदौर में पहला देहदान हुआ। जवाहर मार्ग निवासी अशोक वर्मा का गुरुवार रात निधन हो गया था। जब वे जीवित थे तो परिजनों से कहा था कि मृत्यु होने पर अंत्येष्टि करने के बजाए उनका देहदान किया जाए। परिजन ने देहदान, नेत्रदान एवं त्वचादान के लिए दधीचि मिशन से संपर्क किया, लेकिन तकनीकी कारण से नेत्रदान एवं त्वचादान संभव नहीं हो पाया। 
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शुक्रवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकली और अरविंदो मेडिकल काॅलेज पहुंची। यहां गार्ड ऑफ ऑनर के लिए पुलिस जवान पहले से मौजूद थे। शस्त्रों से दिवंगत वर्मा को सलामी दी गई। इसके बाद देह काॅलेज प्रबंधन को सौंप दी गई। 
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बेटे का भी देहदान किया था
अंगदान समिति के नंदकिशोर व्यास ने बताया कि वर्मा ने कुछ वर्षों पहले देहदान की स्वीकृति दी थी। उनकी राजवाड़ा पर मेडिकल शाॅप है। वहां भी उन्होंने कई लोगों से देहदान के लिए संकल्प पत्र भरवाए थे। उनके एक बेटे का युवा अवस्था में निधन हो गया था। बेटे का भी उन्होंने देहदान किया था। इसके बाद पुत्रवधू का उन्होंने पुनर्विवाह भी करा कर सामाजिक परिवर्तन की मिसाल पेश की थी। 

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