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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Ganesh is present in every house, Ganesh reached Rajwada in palanquin of Holkar dynasty in royal style

Indore: घर-घर विराजे गणेश, राजसी ठाठ से होलकर राजवंश के गणेश पालकी में पहुंचे राजवाड़ा

Sat, 07 Sep 2024 07:53 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 07 Sep 2024 07:53 PM IST
सार

प्रतिमा को होलकर शैली की पगड़ी पहनाई जाती हैै। मूर्ति बनाने का काम बसंत पंचमी के दिन शुभ मुर्हूत मेें किया जाता हैै। प्रतिमा में पीली मिट्टी  और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता हैै।

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Indore: Ganesh is present in every house, Ganesh reached Rajwada in palanquin of Holkar dynasty in royal style
राजसी शैली में आए होलकर राजवंंश के गणेश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर मेें शनिवार को घर-घर गणपति पप्पा विराजे। परिवार उन्हें खुशी और हर्षोउल्लास के साथ घर लाए और मोदक, लड्डू का भोग व आरती कर उनकी स्थापना की।

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इंदौर मेें विजय नगर, पाटनीपुरा, राजवाड़ा, मालवा मिल, परदेशीपुरा, पाटनीपुरा, मूसाखेड़ी, तिलक नगर सहित कई स्थानों पर गणेश प्रतिमा व पूजन सामग्री की अस्थाई दुकानें लगी थी। उधर राजवाड़ा के दरबार हाॅल में होलकर राजवंश के गणेश विराजे। जेल रोड पर श्याम स्वरुप में गणेश प्रतिमा  को भक्त पांडाल लेकर पहुंचे और उन्हें विराजित किया।


शुक्रवार सुबह शुभ मुुर्हूत में गणेश प्रति जूनी इंदौर से होलकरी गणेश को पालकी में पारंपरिक अंदाज में लाया गया। राजपरिवार से जुड़े सदस्य व पूजारी पगड़ी व अंगरखा पहक कर गणेशजी को राजवाड़ा लाए और पूजन के बाद दरबार हाॅल में स्थापित की गई। अब पांच दिनों के बाद इस प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

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ढाई सौ साल से खरगोनकर परिवार बनाता है होलकरी गणेश

 

इंदौर का खरगोनकर परिवार बीते ढाई सौ वर्षों से होलकर शैली के गणेश जी बनाते है। उनके हाथ के बनाए गणेशजी राजवाड़ा में विराजते है। इसके अलावा जमींदार परिवार भी बड़ा रावला में उनसे ही गणेशजी लेता है।

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मूर्तीकार श्याम खरगोनकर बताते है कि उन्हें गणेश प्रतिमा बनाने की कला अपने पिता से मिली हैै। उनके पुरखे मोरपंत खरगोनकर देवी अहिल्या के राज दरबार के मूर्तिकार थे। तब से ही होलकर राजपरिवार की गणेश प्रतिमा बनाने का जिम्मा हमारा परिवार उठाता है। इस प्रतिमा को होलकर शैली की पगड़ी पहनाई जाती हैै। मूर्ति बनाने का काम बसंत पंचमी के दिन शुभ मुर्हूत मेें किया जाता हैै। प्रतिमा में पीली मिट्टी  और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता हैै।

खजराना मेंं सजा फूल बंगला
खजराना मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। गणेश उत्सव के पहले दिन भक्तों की काफी भीड़ उमड़ी। गणपति बप्पा को सवा लाख मोदकोंं का भोग लगाया गया। कलेक्टर आशीष सिंह ने परिवार सहित खजराना गणेश की पूजा की। 

 

खूब हुई वाहनों की बिक्री

गणेश उत्सव के पहले दिन इंदौर के आटोमोबाइल सेक्टर मेें भी धूूम रही। कई परिवारों ने दो व चार पहिया वाहन खरीदे। इंदौर में गणेश उत्सव के दस दिनों मेें तीन सौ करोड़ के व्यापार की उम्मीद है। कई लोगों ने वाहनों की बुकिंग कराई और सुबह वाहनों की डिलेवरी ली और नए वाहन का उपयोग गणेश प्रतिमा लाने के लिए किया।

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