Indore: भागीरथपुरा में अब तक पांच मौतें, कई लोग उल्टी व दस्त से पीड़ित; सीएम ने किया मुआवजे का एलान
भागीरथपुरा में मंगलवार को उल्टी, दस्त के मरीज सामने आए। तीन दिन में बस्ती में बीमारी की वजह से पांच मौतें हो चुकी है। परिजनों के अनुसार पांचों में उल्टी, दस्त के शिकार थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये के मुआवजा देने का एलान किया है।
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इंदौर की भागीरपुरा बस्ती में बीते तीन दिन में पांच मौतें हो चुकी हैं। इनमें चार महिलाएं शामिल है। सभी को उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायतें थी, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन मृतकों के परिजनों ने बीमारी से मौतों की पुष्टी की है। उधर बस्ती में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या भी मंगलवार को बढ़ गई। आंकड़ा 200 से ज्यादा तक पहुंचा है। इतनी बड़ी संख्या में मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर दवाईयां बांटी।
भागीरथपुरा बस्ती में रहने वाली मंजुला पति दिगम्बर की मौत गई। 74 वर्षीय मंजुला को उल्टी दस्त की शिकायत थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था।
सीएम ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि, दो-दो लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा
सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बीमारों से मिलने अस्पताल पहुंचे हैं। पीड़ितों का हाल-चाल जाना है।
मृतकों में बीमारी के समान लक्षण थे
75 वर्षीय नंदलाल पाल और उमा कोरी की मौत मंगलवार को हुई है। दोनों भागीरथपुर के निवासी है और उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद वर्मा नर्सिंग होम व अरविंदो अस्पताल में हुई है। इसके अलावा उर्मिला यादव व सीमा प्रजापति की मौत रविवार को हुई। उर्मिला के बेटे संजय ने बताया कि उनकी मां को दस्त लगे थे। दवाई देने के बाद भी वे ठीक नहीं हो रही थी।
शनिवार को उन्हें क्लाथ मार्केट अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन 30 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। संजय ने बताया कि उनका बेटा शिवा यादव भी अस्तपाल में भर्ती है। उसे वे काफी कमजोर हो गई थी। नंदलाल पाल के परिजनों ने बताया कि सोमवार दोपहर मेें उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी थी। वे अस्पताल में भर्ती हुए है। उमा कोरी के पति पप्पू कोरी ने बताया कि दो-तीन दिन से उमा की तबीयत खराब चल रही थी। रविवार सुबह पांच बजे उसे दो-तीन उल्टियां हो गई। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती किया गया। दोपहर में डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर जाकर कर रहे इलाज, ड्रेनेज लाइन साफ
बस्ती में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर दवाएं बांटी और घर में बीमार लोगों की जानकार पूछी। इसके अलावा नगर निगम के अमले ने भी चैंबरों की सफाई की और गंदगी साफ की। बस्ती में टैंकरों से पानी का वितरण हो रहा है। उधर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. माधव हसानी का कहना है कि रविवार सुबह नंदलाल की मौत हुई। उन्हें हार्ट अटैक हुआ था। दूसरी मौतों की वजह भी डिहाड्रेशन की वजह से नहीं माना जा सकता है।
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