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Indore: पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने छोड़ी निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा, जानें इसके पीछे की वजह
Tue, 26 Jul 2022 11:05 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 26 Jul 2022 11:05 PM IST
सार
जीतू पटवारी ने सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधियों को दी जा रही निशुल्क यात्रा की सुविधा पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह रेल टिकट में छूट की सुविधा को बहाल करने की मांग की।
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Jitu patwari
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विस्तार
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने विधायक के नाते मिलने वाली निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा को छोड़ दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी। साथ ही सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधियों को दी जा रही निशुल्क यात्रा की सुविधा पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह रेल टिकट में छूट की सुविधा को बहाल करने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि कोरोनाकाल के पहले तक 58 साल से ऊपर की महिला को रेल टिकट में 50 और 60 साल से अधिक के पुरुष को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी। कोरोनाकाल में इसे बंद किया गया और अब इस प्रतिबंध को आगे के लिए भी लागू कर दिया गया है। इसका आधार रेलवे को हो रहे घाटे को बताया जा रहा है, पर जनप्रतिनिधियों को रेल यात्रा पर दी जा रही छूट जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सांसद को पत्नी या पति के साथ प्रथम श्रेणी वातानुकूलित में निशुल्क यात्रा की सुविधा है। पूर्व सांसद को भी यही सुविधा मिलती है और पत्नी या पति के साथ द्वितीय श्रेणी की सुविधा प्राप्त है। कोरोनाकाल में भी यह बंद नहीं हुई।
पटवारी ने बताया कि सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले पांच साल में सांसद और पूर्व सांसदों की रेल यात्राओं पर सरकार ने 62 करोड़ रुपये व्यय किए। इसी तरह विधायकों को सुविधा दी जा रही है। जबकि, इन्हें वेतन-भत्तों के साथ पेंशन की सुविधा प्राप्त है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही सुविधा को बंद करना न्याय संगत नहीं है। इसलिए मैं विधायक के नाते मुझे मिल रही निशुल्क यात्राओं की सुविधाओं को छोड़ रहा हूं। उन्होंने सरकार से वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह दी जा रही रेल टिकट पर छूट को बहाल करने की मांग की।
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पटवारी ने कहा कि कोरोनाकाल के पहले तक 58 साल से ऊपर की महिला को रेल टिकट में 50 और 60 साल से अधिक के पुरुष को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी। कोरोनाकाल में इसे बंद किया गया और अब इस प्रतिबंध को आगे के लिए भी लागू कर दिया गया है। इसका आधार रेलवे को हो रहे घाटे को बताया जा रहा है, पर जनप्रतिनिधियों को रेल यात्रा पर दी जा रही छूट जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सांसद को पत्नी या पति के साथ प्रथम श्रेणी वातानुकूलित में निशुल्क यात्रा की सुविधा है। पूर्व सांसद को भी यही सुविधा मिलती है और पत्नी या पति के साथ द्वितीय श्रेणी की सुविधा प्राप्त है। कोरोनाकाल में भी यह बंद नहीं हुई।
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पटवारी ने बताया कि सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले पांच साल में सांसद और पूर्व सांसदों की रेल यात्राओं पर सरकार ने 62 करोड़ रुपये व्यय किए। इसी तरह विधायकों को सुविधा दी जा रही है। जबकि, इन्हें वेतन-भत्तों के साथ पेंशन की सुविधा प्राप्त है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही सुविधा को बंद करना न्याय संगत नहीं है। इसलिए मैं विधायक के नाते मुझे मिल रही निशुल्क यात्राओं की सुविधाओं को छोड़ रहा हूं। उन्होंने सरकार से वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह दी जा रही रेल टिकट पर छूट को बहाल करने की मांग की।
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