फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: First PhD on cleanliness of Indore in Devi Ahilya Vishwa Vidyalaya, research covers history of 223 yea

Indore: इंदौर की स्वच्छता पर पहली पीएचडी देवी अहिल्या विश्वविद्याल में,223 वर्षो की सफाई का इतिहास समेटा

Wed, 03 Jan 2024 03:05 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 03 Jan 2024 03:05 PM IST
सार

 पिछले 6 वर्षों से देश में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहे इंदौर शहर के नाम स्वच्छता को लेकर एक और उपलब्धि जुड़ गयी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता व जनसंचार अध्यनशाला से स्वच्छता पर पहली पीएचडी अवाॅर्ड हुई है। 

विज्ञापन
Indore: First PhD on cleanliness of Indore in Devi Ahilya Vishwa Vidyalaya, research covers history of 223 yea
इंदौर की सफाई व्यवस्था पर शोध। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

छह बार लगातार देश में स्वच्छता रैंकिंग में पहला स्थान पाने वाला इंदौर एक बार फिर चर्चा में है। स्वच्छता पर देश की पहली पीएचडी इंदौर के देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला ने कराई। इस शोध में इंदौर की स्वच्छता का 223 वर्षों का इतिहास सामने आया है।

विज्ञापन

पिछले 6 वर्षों से देश में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहे इंदौर शहर की  स्वच्छता पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता व जनसंचार अध्यनशाला से पहली पीएचडी अवाॅर्ड हुई है। विभागाध्यक्ष डॉ सोनाली नरगुंदे के निर्देशन में जितेन्द्र जाखेटिया ने यह शोघ किया है। शोध में जाखेटिया ने देश में चल रहे स्वच्छता अभियान पर इंदौर को केंद्रित कर अपना शोधकार्य प्रस्तुत किया।

विज्ञापन


डा नरगुंदे ने बताया कि शोध में स्वच्छता अभियान के इतिहास से लेकर अभी तक के सभी प्रयासों को शामिल किया। शोध में 700 लोगों, खासकर स्वच्छता कर्मियों से प्रश्नावली भरवाई और 300 किताबों व आलेख का गहन अध्ययन करने के बाद अपना शोध कार्य किया। इंदौर के स्वच्छता अभियान संबंधी सभी कदमों को उपयोगिता के मापदंड पर परखने के लिए मध्यप्रदेश के अन्य 4 शहरों भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर से इंदौर की तुलना भी की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

शोध में इंदौर के पिछले 223 वर्ष के स्वच्छता के इतिहास को विस्तार के साथ बताया गया है। इंदौर मैं स्वच्छता पर पहली बार काम वर्ष 1800 में शुरू हुआ था। 1810 में फैली प्लेग महामारी से लेकर वर्तमान काल तक के स्वच्छता के कार्यों को जगह मिली।


 2014 से शहर की जनता, अफसर व  सभी नेताओं ने स्वयं स्वच्छता को बढ़ावा दिया और स्वच्छता अभियान में बाधा बनने वाले लोगो का विरोध किया। शहर में निजी व सरकारी शौचालयों का निर्माण करवाया, लोगों से कचरा अलग अलग कर डस्टबिन में डालने का आग्रह किया और मीडिया की मदद से जनता तक सभी जरूरी सूचनाएं पहुंचाई गई।

इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए जनता के व्यवहार में परिवर्तन में इस शहर के मीडिया ने सबसे अहम भूमिका का निर्वहन किया । मीडिया द्वारा जिस तरह से जनता को शिक्षित और जागरूक करने का काम किया गया उसी का परिणाम है कि वर्ष 2017 में पहली बार जब इंदौर स्वच्छता में नंबर एक बना तो फिर तब से लेकर अब तक नंबर एक की ही स्थिति में है ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed