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ब्रेनडेथ महिला के परिजनों ने किया अंगदान, किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के लिए बना ग्रीन काॅरिडोर

Tue, 27 Feb 2024 08:42 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 27 Feb 2024 08:42 PM IST
सार

वैशाली की एक किडनी मेदांता अस्पताल में एक महिला रोगी को ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि दूसरी किडनी शैल्बी अस्पताल में उपचाररत रोगी के काम आई।

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Indore: Family members of brain death woman donated organs, green corridor will be built for kidney and liver
इंदौर में फिर बना ग्रीन काॅरिडोर - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर में एक बार फिर ग्रीन काॅरिडोर बना। ब्रेनहेमरेज के कारण मृत महिला की किडनी और लीवर दूसरों के काम आया। दो अस्पतालों तक ग्रीन काॅरिडोर बनाकर अंगों को प्रत्यारोपण के लिए पहुंचाया गया। इंदौर के व्यंकटेश नगर निवासी वैशाली पति प्रदीप पारीख के अंग दूसरों को जीवनदान दे गए। जब डाक्टरों की टीम विशेष बक्से में अंगों को ले जा रही थी तो वैशाली के परिजन भावुक हो गए और उन्होंने बक्से को भीगी पलकों के साथ विदाई दी। वे गायत्री मंत्र का जाप भी कर रहे थे।

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वैशाली पति प्रदीप पारीख ब्रेन हेमरेज के बाद निजी अस्पताल में भर्ती थी। सुबह डाक्टरों ने उन्हें ब्रेनडेथ घोषित कर दिया। वैशाली के परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई। डाॅ. निखिलेश जैन की अगुवाई में चार चिकित्सक दलों की ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन कमेटी ने रोगी का ब्रेन डेथ प्रमाणित किया। इसके बाद डाक्टरों की टीम ने परीक्षण किया और पाया कि किडनी और लीवर का ट्रांसप्लांट हो सकता है।

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इसके बाद मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य ने कमान संभाली। ग्रीन काॅरिडोर के लिए व्यवस्थाएं शुरू की। वैशाली की एक किडनी मेदांता अस्पताल में एक महिला रोगी को ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि दूसरी किडनी शैल्बी अस्पताल में उपचाररत रोगी के काम आई। लीवर चोइथराम अस्पताल में भर्ती रोगी के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया।

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अंगों को एक एम्बुलैंस में ले जाया गया। ग्रीन काॅरिडोर के लिए ट्रैफिक विभाग ने बीआरटीएस पर एम्बुलैंस निकलने के दौरान ट्रैफिक रोक दिया था, ताकि अंग कम समय में अस्पताल तक पहुंच सके।

इंदौर में 52 वां ग्रीन काॅरिडोर

इंदौर अंगदान में भी नबंर वन है। छह साल पहले इंदौर में पहला ग्रीन काॅरिडोर बना था। इसके बाद अंगदान के प्रति लोगों में जागरुकता आई और इंदौर में लगातार अंगदान होने लगे। इंदौर में मंगलवार को 52 वां ग्रीन काॅरिडोर बनेगा। अंगदान के बाद इंदौर से अंग वायु मार्ग से चेन्नई,मुबंई और दिल्ली तक पहुंचाए जा चुके है।

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