Indore: इंदौर मेें ट्रैफिक सुधार के जतन फ्लाॅप, न जवाहर मार्ग वन-वे, न राजवाड़ा पर ई रिक्शा की रोक
शहर में ई रिक्शा के कारण सबसे ज्यादा ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इनकी संख्या शहर में बढ़ गई है और चालक सवारी के लिए कही भी रिक्शा खड़े कर देते है। इनकी स्पीड भी कम रहती है। इस कारण दूसरे वाहन भी आगे नहीं बढ़ पाते है।
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इंदौर सफाई के मामले में भले ही अव्वल हो, लेकिन ट्रैफिक के मामले में पिछड़ा हुआ है। ट्रैफिक सुधार के लिए तीन माह में जो भी जतन किए गए, वे फ्लाप साबित हुए। प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर जवाहर मार्ग को वन-वे किया था, लेकिन एक माह भी उसका ठीक से पालन नहीं हो सका। अब दोनों तरफ से जवाहर मार्ग पर वाहन आ-जा रहे है। इसके अलावा राजवाड़ा के सामने ई रिक्शा की रोक के निर्णय पर भी अमल नहीं हो पाया है।
राजवाड़ा के सामने ही रिक्शा नजर आ रहे है। शहर के मार्गों के फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम जरुर चल रही है, लेकिन उसका ट्रैफिक सुधार में ज्यादा असर दिखाई नहीं दे रहा। शाम सात बजे के बाद ट्रैफिक का दबाव शहर में ज्यादा रहता है, तब कई फल-सब्जी के ठेले सड़कों पर खड़े हो जाते है,क्योकि रात के समय शहर में नगर निगम की रिमूवल गैंग नहीं संचालित होती है।
ई रिक्शा सबसे ज्यादा बेलगाम
शहर में ई रिक्शा के कारण सबसे ज्यादा ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इनकी संख्या शहर में बढ़ गई है और चालक सवारी के लिए कही भी रिक्शा खड़े कर देते है। इनकी स्पीड भी कम रहती है। इस कारण दूसरे वाहन भी आगे नहीं बढ़ पाते है। प्रशासन ने ई रिक्शा के रुट भी तय किए थे, लेकिन पूरे शहर में इनका संचालन हो रहा है।
इन चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस भी नदारद
इंदौर में कई चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ चुका है, लेकिन वहां यातायात संभालने के लिए ट्रैफिक जवान नजर नहीं आते। दूसरे शहरों में शाम के समय थाने के पुलिसकर्मी भी ट्रैफिक व्यवस्था संभालते है, लेकिन हमारे इंदौर में यह परिपाटी नहीं है। रसोमा लेबोरेटरी, कालानी नगर चौराहा, अनोप टाॅकिज चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा, मारुति नगर चौराहा पर हर दिन शाम को ट्रैफिक जाम रहता है, लेकिन ट्रैफिक विभाग को फोकस सिर्फ शहर के मध्य हिस्से के चौराहों पर ही रहता है।
