Indore: पहले खजराना मंदिर परिसर मेें भी बिकतेे थे कलर के लड्डूू, एक्शन के बाद लगी थी रोक
भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण ने खजराना मंदिर को सेफ प्लेस घोषित किया। प्राधिकरण ने मंदिर परिसर में संचालित होने वाली दुकान के लड्डू, अन्न क्षेत्र के सेंपल लिए थे और उनकी जांच की थी। प्राधिकरण ने आडिट किया।
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तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट का मामला छाया हुआ हैै। भक्त मंदिरों में आस्था के साथ प्रसाद चढ़ाते है, लेकिन मुनाफाखोर लालच के चक्कर मेें उसमें भी मिलावट करते है।
पहले खजराना मंदिर परिसर की प्रसाद की दुकानों मेें भी कलर मिले हुए लड्डू मिलते थे, लेकिन तीन साल पहले खाद्य विभाग ने जांच के दौरान दुकानदारों ने जब चालान बनाए तो सभी व्यापारियों ने कलर नहीं मिलने का फैसला लिया, हालांकि अभी भी कुछ दुकानों मेें कलर के लड्डू नजर आते हैै। मंदिर परिसर में प्रबंधन समिति की भी तीन प्रसाद की दुकानें है। वहां लड्डू मेें कोई कृत्रिम रंग का इस्तेमाल नहीं होता।
सेफ भोग प्लेस का सर्टिफिकेट भी मिल चुका है मंदिर को
भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण ने खजराना मंदिर को सेफ प्लेस घोषित किया। प्राधिकरण ने मंदिर परिसर में संचालित होने वाली दुकान के लड्डू, अन्न क्षेत्र के सेंपल लिए थे और उनकी जांच की थी। प्राधिकरण ने आडिट किया। मंदिर को 130 में से 119 अंक मिले। इसके बाद मंदिर को सेफ भोग प्लेस का सर्टिफिकेट दिया गया।
दुकानदारों की बैठक होगी
प्रसाद मेें शुद्ध का और ध्यान रखा जाए। इसके लिए खजराना मंदिर परिसर के दुकानदारों की जल्दी ही एक बैठक बुलाई जाएगी। मंदिर समिति शद्ध लड्डू बनाती है। दूसरे दुकानदारों को भी सफाई और शुुद्धता का ध्यान रखने को कहा जाएगा।-अशोक भट्ट, मुख्य पूजारी, खजराना गणेश मंदिर
