Indore: सराफा को लेकर फैसला, मेयर ने कहा- चौपाटी नहीं हटेगी, सुरक्षा और समय का ध्यान रखेंगे
मेयर भार्गव ने कहा कि सराफा चौपाटी विश्व प्रसिद्ध है। वह इंदौर की पहचान है। वह परंपरागत व्यंजनों के साथ सुरक्षित तरह से लगे। हम यह चाहते हैै। सराफा चौपाटी हटा नहीं सकते। चौपाटी लगने का समय क्या होगा, उसे नियमित करेंगे।
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इंदौर को स्वाद की राजधानी का दर्जा दिलाने वाली सराफा चाट चौपाटी को लेकर सोना-चांदी बेचने वाले कारोबारी विरोध में हैं। इसे लेकर नगर निगम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने सोमवार को बैठक बुलाई। इसमें चौपाटी के दुकानदार और सराफा कारोबारी शामिल हुए। मेयर ने बैठक में कहा कि निगम यह फैसला ले चुका है कि सराफा चौपाटी नहीं हटेगी। यह इंदौर की पहचान है, लेकिन चौपाटी में सुरक्षा और चाट की दुकानें लगने के समय का पालन कराया जाएगा।
बैठक में सराफा व्यापारियों ने कहा कि पहले चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानें लगती थीं। दुकानदार अपने घरों से व्यंजन बनाकर लाते थे, लेकिन अब वहां पर व्यंजन बनाए जाते हैं। इससे आग लगने का खतरा बना रहता है। दुकानों में लाखों रुपये के जेवर रखे रहते हैं। इसके अलावा चौपाटी लगाने के लिए दुकानदार जल्दी आ जाते हैं, जबकि अब सोने-चांदी खरीदने के लिए ग्राहक रात में भी आते हैं। सोने-चांदी व्यापारियों ने कहा कि चाट चौपाटी के कारण हमारा धंधा प्रभावित हो रहा है। हम चाहते हैं कि चौपाटी को सराफा के बजाए कहीं और शिफ्ट किया जाए।
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सराफा चौपाटी इंदौर की पहचान
इस पर मेयर भार्गव ने कहा कि सराफा चौपाटी विश्व प्रसिद्ध है। वह इंदौर की पहचान है। वहां परंपरागत व्यंजनों के साथ सुरक्षित तरह से दुकानें लगें, हम यह चाहते हैं। सराफा चौपाटी हटा नहीं सकते। चौपाटी लगने का समय क्या होगा, उसे नियमित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बात एकदम स्पष्ट है कि सराफा इंदौर की धरोहर है। इंदौर को स्वाद की राजधानी बनने में सराफा की बड़ी भूमिका है। यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए चौपाटी का संचालन होगा। उसका समय तय होगा। इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि सराफा कारोबारियों का भी नुकसान न हो। हमने सराफा चौपाटी के संचालन के लिए एक कमेटी भी गठित की थी। उसकी रिपोर्ट में भी सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
