Indore: पांच साल पहले श्रमिकों को हुए भुगतान की प्रक्रिया को कोर्ट ने माना सही, 900 श्रमिकों का नहीं मिला पैसा
हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान भी यह मामला उठा तो कोर्ट ने कमेटी को कहा कि पांच साल पहले जिन श्रमिकों को भुगतान किया और यदि कोई आपत्ति नहीं आई है तो उसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी पैसा दिया जा सकता है। इसके बाद कमेटी की बैैठक भी हुई।
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हुकमचंद मिल के 900 से ज्यादा श्रमिकों को आवेदन करने के बावजूद कोर्ट द्वारा गठित समिति ने उनके खातों में पैसा जमा नहीं किया,क्योकि श्रमिकों के पास उनकी पीएफ स्लीप नहीं है। इसे लेकर श्रमिकों ने आपत्ति भी ली और कहा था कि 32 साल पुरानी स्लीप संभाल कर रखना श्रमिकों के लिए संभव नहीं है। श्रमिकों को पांच साल पहले भी 80 हजार से एक लाख रुपये का भुगतान हुआ था। तब जिस प्रक्रिया के तहत पैसा दिया गया। उस आधार पर इस बार भी राशि दी जाए।
हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान भी यह मामला उठा तो कोर्ट ने कमेटी को कहा कि पांच साल पहले जिन श्रमिकों को भुगतान किया और यदि कोई आपत्ति नहीं आई है तो उसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी पैसा दिया जा सकता है। इसके बाद कमेटी की बैैठक भी हुई।
समिति के नरेंद्र श्रीवंश और हरनाम सिंह ने बताया कि स्पील नहीं होने के कारण 900 से ज्यादा श्रमिकों के खाते में पैसा नहीं पहुंच पा रहा था, लेकिन अब उनके आवेदन स्वीकृत होने में परेशानी नहीं आएगी। अभी 1700 से ज्याद श्रमिकों के खाते में राशि पहुंच चुकी है।
श्रमिकों से आवेदन के साथ आधार कार्ड, नौकरी संबंधी दस्तावेज, राशनकार्ड व शपथ पत्र मांगा जा रहा है। जिन श्रमिकों की मौत हो चुकी है। उनके वारिसों की जानकारी भी कमेटी आवेदन के साथ मंगा रही है। आपको बता दे कि 25 दिसंबर को प्रदेश सरकार ने परिसमापक के खाते में 457 करोड़ रुपये की राशि जमा की है, लेकिन अभी तक सभी श्रमिकों के खाते में पैसा नहीं पहुंच पाया है।
