फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Corporation's tenure in Indore is 18 months, concrete decisions are less, U turns are more.

Indore: इंदौर में 18 माह का निगम का कार्यकाल, ठोस फैसले कम, यू टर्न ज्यादा

Mon, 27 May 2024 07:13 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 27 May 2024 07:13 PM IST
सार

दो साल से गांधी हाॅल को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। अब उसके कुछ दरवाजे और शीशे टूट गए है। सिलिंग भी कुछ हिस्सों में उखड़ गई है। गांधी हाॅल फिर बेहाल है।

विज्ञापन
Indore: Corporation's tenure in Indore is 18 months, concrete decisions are less, U turns are more.
निगम कर्मचारियों को सेना जैसी ड्रेस पहनाई, फिर बदला फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में भाजपा की परिषद के 18 माह का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इस समय में कोई ठोस काम जमीन पर नजर नहीं अाया। बड़े फैसलों के रुप में हुकमचंद मिल मजदूरों को हाऊसिंग बोर्ड से 218 करोड़ रुपये दिलाना ही निगम की सबसे बड़ी उपलब्धियों मेें से एक है। बाकी ज्यादातर फैसलों में नगर निगम को यू टर्न लेना पड़ा।

विज्ञापन

गांधी हाॅल को निजी हाथों में देने का फैसला हो या, निगम कर्मचारियों को सेना जैसी वर्दी पहनाने का मामला। हल्ला मचने पर मेयर ने इन फैसलों को लागू ही नहीं किया। राजवाड़ा पर अहिल्या लोक बनाने का मुद्दा भी गरमाने के बाद निगम ने फैसला रद्द कर दिया। नगर निगम ने बांड जारी कर 300 करोड़ रुपयेे एकत्र किए थेे, लेकिन उस राशि से भी जलूद मेें सोलर प्लांट अभी तक नहीं लग सका।

विज्ञापन

गांधी हाल फिर बेहाल

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 20 करोड़ रुपये खर्च कर नगर निगम ने गांधी हाॅल को संवारा। फिलहाल हाॅल का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा हैै। यहां म्यूजियम या अन्य गतिविधियां संचालित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम ने इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया था, लेकिन कांग्रेस ने विरोध किया तो फैसला मेयर पुष्य मित्र भार्गव को पलटना पड़ा। दो साल से गांधी हाॅल को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। अब उसके कुछ दरवाजे और शीशे टूट गए है। सिलिंग भी कुछ हिस्सों में उखड़ गई है। गांधी हाॅल फिर बेहाल है।

अहिल्या लोक नहीं बन पाया

नगर निगम के बजट में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने अहिल्या लोक बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत राजवाड़ा चौक व उद्यान का विकास करना था। राजवाड़ा पर वाहनों की एंट्री बैन करने का फैसला भी इसमें शामिल था, लेकिन जब व्यापारियों अौर कांग्रेस ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया तो भाजपा परिषद को इस फैसले को भी रद्द करना पड़ा।

विरोध के बाद सेना की वर्दी मामले में यू टर्न

नगर निगम की रिमूवल गैंग को हरे रंग की ड्रेस पहनाने का फैसला नगर निगम ने लिया, जिसका रंग सेना की वर्दी से मिलता-जुलता था। जब इसका विरोध शुरू हुआ तो मेयर भार्गव इसके पक्ष में आए। मेयर ने कहा कि इससे सेना का अपमान नहीं होगा। कर्मचारियों में एकरुपता और अनुशासन के लिए यह ड्रेस दी गई है। पूर्व सैनिकों के संघ ने भी जब विरोध की तैयारी की तो फिर अचानक यह फैसला भी ठंडे बस्ते में चले गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed