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Indore Diarrhea Outbreak: इंदौर में नलों से टपका 'जहर', उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार; 15 मौतों का जिम्मेदार कौन?

Fri, 02 Jan 2026 01:32 PM IST
Abhishek Chendke अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:32 PM IST
सार

Indore Drinking Water Crisis : भागीरथपुरा में दूषित और जहरीले पानी की आपूर्ति से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। मेडिकल रिपोर्ट में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग हैजा की आशंका के चलते उपचार और जांच में जुटा है।

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Indore Contaminated Water Diarrhea Outbreak: Poisoned Tap Water Claims 15 Lives, Who is Responsible
रिपार्ट में खुलासे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भागीरथपुरा में सप्लाई हुए जहरीले पानी से अब तक 15 जानें जा चुकी हैं। शुक्रवार सुबह ही एमवायएच में भर्ती  68 वर्षीय गीताबाई की मौत हो गई। सबसे ज्यादा प्रभावित बस्ती की पान वाली गली में हैं। यहां 20 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती रहे हैं। घटना के बाद विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे उनकी जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार पानी पीने योग्य नहीं था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अब हैजा फैलने का डर भी सताने लगा है।

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Indore Contaminated Water Diarrhea Outbreak: Poisoned Tap Water Claims 15 Lives, Who is Responsible
डायरिया से जान गंवाने वाले लोग और अपनी पीड़ा बताते मासूम अव्यान के पिता। - फोटो : अमर उजाला

मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, मेरे बेटे को बचा लो...
जहरीले पानी की इस त्रासदी के शिकार पीड़ित अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें संजय यादव भी शामिल हैं। उनकी मां की मौत जहरीले पानी से हो गई और उनका बेटा भी अस्पताल में भर्ती है। संजय और उनकी पत्नी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती किया गया है। संजय ने बताया कि मेरी मां ने मेरे सामने आंखें मूंद ली, अब मुझे मेरे बेटे की चिंता है। उसे दस बोतल स्लाइन चढ़ाई गई। संजय ने कहा कि मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, लेकिन मेरे बेटे को सरकार बचा ले। इस परिवार ने ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चेक लेने से इनकार कर दिया था।

पैकेट वाले दूध में पानी डाल कर पिलाया
जहरीले पानी ने पांच माह के बच्चे अव्यान साहू को भी उसके परिवार से छीन लिया। परिवार में एक बेटी है। दस साल बाद अव्यान हुआ था। 8 जुलाई को उसका जन्म हुआ। परिवार में बरसों बाद खुशियां आई थीं। बच्चे की मौत के बाद मां बात करने की स्थिति में नहीं है। अव्यान के पिता सुनील ने बताया कि डिलीवरी के बाद पत्नी को दूध ठीक से नहीं आ रहा था। इस कारण अव्यान को ऊपर का दूध पिलाना शुरू किया। पैकेट वाला दूध नवजात के लिए ज्यादा गाढ़ा होता है। आसानी से वह पच सके, इस कारण उसमें हम पानी मिलाते थे। हमें क्या पता था कि वो जहरीला पानी हमसे बेटे को छीन लेगा। अव्यान को पहले दस्त हुए तो उसे एक क्लीनिक ले गए। दवा से आराम नहीं मिला। इस बीच उसे तेज बुखार आ गया। अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


बेटी को खाना खिलाया और तबीयत हो गई खराब
जहरीले पानी से मंजुला वाड़े की मौत हो गई। मंजुला की चार बेटियां हैं। अपने ससुराल से आई बेटी के लिए मंजुला ने रात को खाना बनाया था। वह अपने घर लौट गई। रात को मंजुला को उल्टियां होने लगीं। पति ने बताया कि उसे अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने कहा है कि उसकी मौत हो गई है।

Indore Contaminated Water Diarrhea Outbreak: Poisoned Tap Water Claims 15 Lives, Who is Responsible
भागीरथपुरा की पेयजल लाइन। - फोटो : अमर उजाला

पानी में थे जानलेवा बैक्टीरिया
जो पानी भागीरथपुरा के घरों में पहुंचा। उसमें हानिकारक बैक्टीरिया था। इसका खुलासा मेडिकल कॉलेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में हुआ है। यह पानी पीने योग्य नहीं था, लेकिन बीते एक माह से सप्लाई हो रहा था। उसे पीकर लोग बीमार हुए और 14 लोग अब तक इस मामले में जान गंवा चुके हैं। अभी भी पानी में बैक्टीरिया है या नहीं, इसके लिए लगातार 80 से 100 सैंपल नगर निगम बस्ती से जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। आशंका है कि मरीजों को हैजा भी हो सकता है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। हैजा बीमारी में जो ट्रीटमेंट दिया जाता है, वही इस समय मरीजों को दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में चार मरीजों की मौत डायरिया से बताई गई है।

ये भी पढ़ें-  28 साल पहले इंदौर में सप्लाई हुआ था लाश का पानी, अब नलों से चलकर आई मौत
 

कब क्या हुआ

  • 25 दिसंबर से मरीज अस्पतालों में रिपोर्ट होना शुरू हो गए थे। दो अस्पतालों में 18 मरीज भर्ती हुए। 
  • 28 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मरीजों के पास पहुंचे।
  • 29 दिसंबर को एक व्यक्ति की मौत डायरिया के कारण रिपोर्ट हुई। शाम तक आंकड़ा चार तक पहुंचा।
  • 30 दिसंबर को पता चला चार दिन से बस्ती में मौतें हो रही हैं। अब तक आंकड़ा 14 तक पहुंच चुका है।
  • अस्पतालों में 200 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, जिनमें 30 की हालत गंभीर है।
  • पांच हजार से ज्यादा मरीजों की जांच स्वास्थ्य विभाग कर चुका है।

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- इस घटना के लिए मैं खुद को जिम्मेदार मानता हूं
विजयवर्गीय ने कहा कि वे इस शहर के जनप्रतिनिधि हैं। इस घटना के लिए वे खुद को भी जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा रहवासी कई दिनों से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे कि भागीरथपुरा के पार्षद ने निगमायुक्त को इसकी शिकायत की थी। इसकी एक कॉपी उन्होंने मुझे दी थी। उसे भी मैंने निगमायुक्त को भेज दिया था। विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार है। गलती हमारे अधिकारी की है तो उसे हम भी अपनी जिम्मेदारी मानेंगे।

पानी पीने योग्य नहीं था
निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि पानी के लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। पानी दूषित पाया गया। वह पीने योग्य नहीं था। पानी की कुछ और रिपोर्ट आनी बाकी है।

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