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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Contaminated Water Supplied in Indore 28 Years Ago, Death Now Knocks Through Household Taps

Indore News: 28 साल पहले इंदौर में सप्लाई हुआ था लाश का पानी, अब नलों से चलकर आई मौत

Thu, 01 Jan 2026 07:55 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Thu, 01 Jan 2026 07:55 PM IST
सार

भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी के सेवन से अब तक 14 मौतेंं हो चुकी है, जो शहरवासियों को 28 साल पहले की उस रूह कंपा देने वाली घटना की याद दिला रही है, जब सुभाष नगर की टंकी में मिली लाश के बाद लोगों के घरों में चमड़ी और बालों वाला पानी पहुँचा था।

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Indore News: Contaminated Water Supplied in Indore 28 Years Ago, Death Now Knocks Through Household Taps
पाइप लाइन के पास गंदगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत ने पूरे शहरवासियों को हिला दिया है, लेकिन इसी शहर के बाशिंदों ने 28 साल पहले सड़ी मानव लाश का पानी भी पिया है। सुभाष नगर चौक पानी की टंकी से दस दिन पुरानी लाश पुलिस ने बरामद की थी। टंकी से नलों में चमड़ी, बाल आने लगे, लोग बीमार हुए तो टंकी में लाश होने का पता चला था। उस टंकी से पंद्रह से ज्यादा इलाकों में पानी सप्लाई होता है। 

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अब इंदौर में नलों से होकर आई मौत ने 14 लोगों की जान ले ली। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में भी पेयजल दूषित पाया गया। यह जांच मेडिकल कॉलेज ने की थी। नर्मदा लाइन पर बगैर अनुमति के शौचालय बन गया और उसका रिसाव होता रहा, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। हैरानी की बात है कि पार्षद, जोनल अधिकारी को गंदे पानी की सप्लाई की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने मामले को हल्के में लिया।

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बदबू आती थी पानी में

भागीरथपुरा बस्ती में तीन बोरिंग भी हैं। उनसे भी पानी सप्लाई होता है। कई लोग नर्मदा के पानी के बजाय बोरिंग का पानी पीते हैं। इस कारण रोगियों की संख्या नहीं बढ़ी। जो लोग नर्मदा जल पीते थे, वे ही बीमार हुए हैं, लेकिन अब बस्तीवासी नर्मदा लाइन का पानी नहीं पी रहे हैं। रहवासी भावना यादव ने कहा कि नर्मदा का पानी मटमैला तो नहीं आता था, लेकिन उसमें बदबू आती थी। उस पानी के सेवन से लोगों को इन्फेक्शन ज्यादा हुआ है। हमारे यहाँ निजी बोरिंग है, उसका ही पानी हम पीने के उपयोग में लेते हैं। इस कारण हम बीमार नहीं हुए।

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पेयजल लाइन के पास रिसाव

भागीरथपुरा में नर्मदा और बोरिंग की डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के आसपास ही गंदा पानी बहता है। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद अभी भी कई गलियों में इस तरह के हालात हैं। पान वाली गली के बोरिंग के पास ही सड़क से बहता गंदा पानी मिल रहा था। उस लाइन से पांच फीट दूर ही ड्रेनेज का चैंबर भी है। इस वार्ड की बैकलेन में अतिक्रमण है। लोग नाराज न हों, इसके चलते जनप्रतिनिधि सख्ती भी ज्यादा नहीं दिखाते।

लोग नहीं भर रहे पानी

दूषित पानी का डर बस्तीवासियों में इस कदर समा गया है कि लोग अब नलों से पानी नहीं भर रहे हैं। सुबह सीईसी संजय दुबे जब जलापूर्ति के समय बस्ती में पहुंचे तो ज्यादातर लोग पानी भरते हुए नहीं मिले। उन्होंने रहवासियों से भी चर्चा की। ज्यादातर लोगों ने कहा कि पानी कई दिनों से दूषित आ रहा था।

दूषित था पानी

मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी माधव हसानी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट प्राप्त हुई है। पेयजल दूषित था, इस वजह से संक्रमण हुआ। दूषित होने का स्तर कितना था, यह अधिकारी ही पता कर पाएंगे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ज्यादातर जानें बचाने में सफल रहा। अब स्थिति बेहतर है। गुरुवार को पांच नए मरीज ही भर्ती हुए हैं।

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