Indore: समिति ने तैयार की रिपोर्ट, सदस्य बोले-सराफा चौपाटी शिफ्ट करने का फैसला हम नहीं ले सकते
समिति अध्यक्ष राठौर ने कहा कि सराफा में चौपाटी 100 साल पहले लगना शुरू हुई थी। तब शहर की आबादी कम थी। चौपाटी में स्थान सीमित है और भीड़ ज्यादा आती है। इस लिहाज से वहां सुरक्षा व सुविधाएं बढ़ाने की जरुरत है।
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इंदौर की प्रसिद्ध सराफा चौपाटी को लेकर नगर निगम द्वारा गठित समिति की मंगलवार को बैठक हुई। सदस्यों ने चर्चा के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली है। उसे मेयर पुष्य मित्र भार्गव को सौंपा जाएगा।
चौपाटी को सराफा से हटाने के लिए 11 व्यापारी व रहवासी संघों ने पत्र समिति को सौंपे है, लेकिन समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि सराफा चौपाटी हमारे शहर की धरोहर है। उसे शिफ्ट करने का फैसला समिति के स्तर पर संभव नहीं है। शहर के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों की सहमति इसके लिए जरुरी है।
समिति अध्यक्ष राठौर ने कहा कि सराफा में चौपाटी 100 साल पहले लगना शुरू हुई थी। तब शहर की आबादी कम थी। चौपाटी में स्थान सीमित है और भीड़ ज्यादा आती है। इस लिहाज से वहां सुरक्षा व सुविधाएं बढ़ाने की जरुरत है।
चौपाटी पर भीड़ नियंत्रण और दुकानों की संख्या सीमित रखना होगी। सराफा की एसोसिएशन मेें 80 दुकानें पंजीकृत है, लेकिन चौपाटी में 200 से ज्यादा दुकानें लगती है। समय के साथ फास्ट फूड, चायनिस व्यंजन भी चौपाटी में बनाए जाने लगे है। उसमें सबसे ज्यादा गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है।
गैस कंपनी ने कहा-हम लाइन नहीं बिछा सकते
सराफा चौपाटी में सिलेंडरों का उपयोग भी ज्यादा होता है। इस कारण कमेटी ने अवंतिका गैस कंपनी को वहां सीएनजी लाइन बिछाने के लिए कहा था। कंपनी ने सर्वे कर समिति को पत्र सौंप दिया। जिसमे कहा गया कि सराफा चौपाटी जहां संचालित होती है, वहां खुली नाली है। वहां लाइन बिछाई नहीं जा सकती है। सराफा के पीछे आभूषण बनाने के कारखाने है, वहां लाइन बिछाई जा सकती है।
