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Indore: इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा होते ही फिर सड़क, बेकलेन में नजर आने लगा कचरा
Wed, 09 Apr 2025 08:10 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Wed, 09 Apr 2025 08:10 PM IST
सार
इंदौर नगर निगम ने आठवीं बार स्वच्छता का ताज बरकरार रखने के लिए शहर में जगह-जगह वाॅल पेटिंग की। रात में सड़कों की सफाई की। सख्ती के लिए स्पाॅट फाइन लगाए और हर स्तर पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की कोशिश की।
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अब समय पर पेटियां नहीं हो रही साफ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर में स्वच्छता रैंकिंग के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। दिल्ली से आई टीम 10 दिन इंदौर में रही और स्वच्छता को अलग-अलग पैमानों पर परखा, लेकिन टीम के रवाना होते ही सफाई व्यवस्था में ढिलाई आ गई है। शहर के छोटे लिटरबिन कचरे से भरे हैं और गली-मोहल्लों में अस्थाई कचरे के पाइंट बन गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने से पहले जो सफाई इंदौर में हो रही थी। अब वैसा माहौल नजर नहीं आ रहा है।
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जुलाई माह तक देश के पांच हजार शहरों की स्वच्छता रैंकिंग आ जाएगी। इंदौर नगर निगम ने आठवीं बार स्वच्छता का ताज बरकरार रखने के लिए शहर में जगह-जगह वाॅल पेंटिंग की। रात में सड़कों की सफाई की। सख्ती के लिए स्पाॅट फाइन लगाए और हर स्तर पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की कोशिश की, हालांकि, शहरवासी अब मानने लगे है कि पहले जैसी सफाई व्यवस्था अब नहीं रही।
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अस्थाई कचरा पाइंट बनने लगे
रहवासियों को शिकायत है कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहन फूल-पत्ती, थर्माकोल व अन्य कचरा लेकर नहीं जाते हैं। उन्हें लेने दूसरे वाहन भी नहीं आते हैं। इस कारण अस्थाई कचरा पाइंट बन गए हैं। वहां से भी समय पर कचरा नहीं उठता है।
सर्वेक्षण के बाद सख्ती लगभग खत्म हो गई है। इस कारण लोगों ने बेकलेन में भी कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे लिटरबिन भी समय पर खाली नहीं हो पा रहे हैं। रहवासी अमित दुबे ने बताया कि बेकलेन में पड़े कचरे से बदबू आने लगी है। हमने कई बार 311 एप पर भी शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
नालोंं में गाद और गंदगी
जो बसाहट नालों के आसपास है। वहां के लोग सीधे नाले में भी कचरा फेंकने लगे हैं। इस कारण नालों में भी गंदगी बरकरार रहती है। इसके अलावा कई क्षेत्रों से सीवरेज सीधे नाले में मिल रहा है। गंदगी और गाद नालों से ठीक से नहीं हट पाई है। रैंकिंग के लिए कुछ नालों को ट्रेंच बनाकर साफ किया गया, लेकिन शहर के ज्यादातर नाले साफ नहीं है।
