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Indore: धार और रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट भाजपा की कमजोर कड़ी
सार
धार लोकसभा क्षेत्र की बात करे तो यहां गंधवानी, सरदारपुर, मनावर, धरमपुरी, कुक्षी, धार, बदनावर और महू विधानसभा सीटें आती है। इनमें से पांच पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई है, जबकि तीन पर भाजपा उम्मीदवार चुनाव जीते है।
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मालवा निमाड़ की दो सीटों पर भाजपा कर रही ज्यादा मंथन
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
भाजपा ने मालवा निमाड़ के धार, इंदौर और उज्जैन लोकसभा सीट के टिकट रोके है और एक टिकट बदला है। इंदौर और उज्जैन को तो भाजपा अपना गढ़ मानती है, लेकिन धार व रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट के मुकाबले को भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती है। दोनो लोकसभा क्षेत्र एससी-एसटी बाहुल्य है। मालवा निमाड़ के आदिवासी क्षेत्र में कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा सीटें मिली है। इसलिए दोनो सीटों पर भाजपा ने मंथन किया। रतलाम-झाबुआ सीट पर भाजपा ने गुमान सिंह डामोर के बजाए वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनिता चौहान को टिकट दिया है।
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इस लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती है। झाबुआ जिले की तीन सीटों में से दो पर कांग्रेस का कब्जा विधानसभा चुनाव में रहा, जबकि आलीराजपुर में एक भाजपा और एक सीट कांग्रेस ने जीती। रतलाम जिले में भाजपा ने चार सीटें जीती। कांग्रेस यहां अपना खाता नहीं खोल पाई, जबकि एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने चुनाव जीता है।
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इन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को कांग्रेस से 19 हजार से ज्यादा मत मिले है। धार लोकसभा क्षेत्र की बात करे तो यहां गंधवानी, सरदारपुर, मनावर, धरमपुरी, कुक्षी, धार, बदनावर और महू विधानसभा सीटें आती है। इनमें से पांच पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई है, जबकि तीन पर भाजपा उम्मीदवार चुनाव जीते है।
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धार जिले की सात सीटों पर विधानसभा चुनाव के परिणामों के कारण भाजपा इस सीट के टिकट के लिए काफी मंथन कर रही है। इस लोकसभा क्षेत्र में महू सीट इंदौर जिले की शामिल की गई है। वहां भाजपा ने चुनाव जीता है। धार लोकसभा सीट के लिए पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम भी चल रहा है, लेकिन झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में महिला को टिकट मिल चुका है, इसलिए पडोस के लोकसभा क्षेत्र में फिर महिला को टिकट देना का प्रयोग संभव नहीं है। इस सीट पर भाजपा किसी नए चेहरे को आजमा सकती है।
