Indore: बम कांड में गिरफ्तारी के बाद साहू के परिवार से कर लिया था संगठन ने किनारा,तब विजयवर्गीय का मिला था साथ
कोर्ट ने सत्रह साल बाद फैसला सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा भारती सहित सात आरोपियों को मालेगांव बम ब्लास्ट केस से बरी कर दिया है। इसके बाद विजयवर्गीय फिर श्याम साहू से व उनके परिवार से मिले और पुराने दिनों को याद किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मालेगांव बम ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इंदौर के श्याम साहू को भी मालेगांव बम कांड के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उनके परिवार को भी यातनाएं झेलना पड़ी थी। तब श्याम साहू के अलावा बम कांड के आरोप झेल रहे पाटीदार व डांगे परिवार से संगठन और संघ ने किनारा कर लिया था, भाजपा नेता उनके घर जाने से बचते थे, लेकिन उन विपरित हालातों में भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का साथ उन परिवारों को मिला था। तब उन्होंने न केवल ये कहा था कि श्याम उनका कार्यकर्ता है, बल्कि दीपावली पर वे उनके घर भी गए थे और परिवार से मुलाकात की थी।
कोर्ट ने सत्रह साल बाद फैसला सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा भारती सहित सात आरोपियों को मालेगांव बम ब्लास्ट केस से बरी कर दिया है। इसके बाद विजयवर्गीय फिर श्याम साहू से व उनके परिवार से मिले और पुराने दिनों को याद किया। विजयवर्गीय ने कहा कि जब श्याम को गिरफ्तार किया था तब उनके बच्चे छोटे -छोटे थे। जब वे बरी होकर आए थे तो मैं मिलने गया था।
एटीएस भगवा को बदनाम करना चाहता था
श्याम ने बताया कि महाराष्ट्र में अगले साल चुनाव थे। वोटबैंक की राजनीति के कारण महाराष्ट्र एटीएस चीफ संघ के बड़े पदाधिकारियों का नाम लेने का दबाव बना रहे थे, वे झूठा फंसाना चाहते थे, लेकिन मैं नहीं झुका। मुझे काफी यातनाएं दी।
विजयवर्गीय ने कहा कि श्याम को रिमांड के नाम पर उलटा लटकाते थे। वे ठीक से शौचालय तक नहीं जा पाते थे, लेकिन वे नहीं झुके,क्योंकि बेवजह श्याम को फंसाया था।
श्याम निर्भिक स्वयंसेवक है। विजयवर्गीय ने कहा कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता है। हिन्दू हमेशा सहिष्णु रहा है। कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद जैसे शब्द देश पर मढ़े थे, लेकिन कोर्ट के फैसले ने करारा तमाचा मारा है।
