Indore: इंदौर के मालवा मिल मार्ग के अधूरे ब्रिज से गिरा वाहन चालक, हो गई मौत
श्रमिक क्षेत्र, विजय नगर, सुखलिया ग्राम की तरफ जाने वाले लोगों को रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का काफिला भी कई बार ब्रिज नहीं बनने की वजह से जाम में फंसा जाता है। निगम ब्रिज को 100 फीट से ज्यादा चौड़ा बना रहा है।
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इंदौर के मालवा मिल-पाटनीपुरा ब्रिज को चार माह में बनना था, लेकिन अभी तक 40 प्रतिशत काम भी नहीं हो पाया है। ब्रिज का काम भी ठेकेदार ने अधूरा छोड़ रखा है और सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं है। इस कारण रविवार रात एक दोपहिया वाहन चालक नाले में गिरकर घायल हो गया था। लोगों ने उसे नाले से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। युवक को गंभीर चोटें आईं थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
ब्रिज के आसपास बेरिकेड भी नहीं लगाए गए थे। इस कारण यह हादसा हुआ। घायल का दोपहिया वाहन भी नाले में फंस गया था। युवक की मौत के बाद व्यापारियों ने अधूरे ब्रिज के पास प्रदर्शन किया। वे मंगलवार को दुकानें बंद रखकर विरोध जताएंगे।
शहर के व्यस्त मार्ग मालवा-मिल पाटनीपुरा मार्ग चौड़ीकरण चार साल पहले किया गया था, लेकिन तब नगर निगम ने खतरनाक हो चुके ब्रिज को साथ में नहीं बनाया। सड़क 80 फीट चौड़ी बन गई और ब्रिज 40 फीट चौड़ा रहा गया। जब ट्रैफिक जाम होने लगा तो निगम को ब्रिज बनाने की याद आई। इस कारण चार माह से मार्ग के ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है।
श्रमिक क्षेत्र, विजय नगर, सुखलिया ग्राम की तरफ जाने वाले लोगों को रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का काफिला भी कई बार ब्रिज नहीं बनने की वजह से जाम में फंसा जाता है। नगर निगम इस ब्रिज को 100 फीट से ज्यादा चौड़ा बना रहा है। रहवासी बता रहे है कि बीते दस दिनों से ब्रिज का काम नहीं हो रहा है। अभी एक हिस्से की स्लैब ही डाली गई है। काम की गति इसी तरह रही तो फिर ब्रिज को बनने में और आठ माह लग सकते है।
