Indore: डेढ़ हजार करोड़ में बनेगा इंदौर का पश्चिमी बायपास, पहले पैकेज के लिए केंद्र सरकार ने किया पैसा मंजूर
सड़क के अलावा दो रेलवे ब्रिज, एक बड़ा ब्रिज, तीन छोटे ब्रिज, सात पुलियाएं और 40 से ज्यादा छोटी पुलियाएं बनेगी। इंदौर का पूर्वी बायपास वर्ष 2000 में ही बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन न तो शहर में पश्चिमी रिंग रोड बन पाई और न ही पश्चिमी बायपास।
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इंदौर के पश्चिमी बायपास के लिए केंद्र सरकार ने 1535 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टेंडर भी जारी कर दिए है। इस बायपास का निर्माण तीन साल में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए किसान जमीन देन को राजी नहीं है और पिछले दिनों उन्होंने बड़ी संख्या में ट्रैक्टर रैली निकालकर विरोध भी जताया था।
इंदौर के प्रोजेक्ट सहित अन्य प्रोजेक्टों के लिए मंजूरी की गई राशि की जानकारी पिछले दिनों केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर शेयर की थी। इंदौर के पश्चिमी बायपास के 34 किलोमीटर के हिस्से के लिए पैकेज-1 के तहत लगभग 1535 करोड़ रुपए मंजूर हुए है। छह लेन सड़क 64 किलोमीटर लंबी होगी। दूसरे पैकेज के लिए राशि बाद में जारी होगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 2200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सड़क के अलावा दो रेलवे ब्रिज, एक बड़ा ब्रिज, तीन छोटे ब्रिज, सात पुलियाएं और 40 से ज्यादा छोटी पुलियाएं बनेगी। इंदौर का पूर्वी बायपास वर्ष 2000 में ही बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन न तो शहर में पश्चिमी रिंग रोड बन पाई और न ही पश्चिमी बायपास। अब सरकार पश्चिमी हिस्से की तरफ भी ध्यान दे रही है।
इस प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण भी शुरू कर दिया है। 19 गांवों की 400 से ज्यादा एकड़ जमीन की जरुरत बायपास निर्माण के लिए है। इनमें ज्यादातर जमीन सरकारी है। इस सड़क के बनने से भारी वाहन मरीमाता चौराहा, सुपर काॅरिडोर, निरंजनपुर जंक्शन से नहीं गुजरेंगे। वे पश्चिमी बायपास से होकर सीधे भोपाल या आगरा-मुबंई राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ जा सकेंगे।
