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Indore: इंदौर के स्टार्टअप को IIM अहमदाबाद और अमेरिकन चेज से डेढ़ करोड़ रुपए की फंडिंग मिली
Tue, 10 Oct 2023 03:01 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 10 Oct 2023 03:01 PM IST
सार
स्कूल से ही छात्रों को स्किल्ड बनाने पर फोकस, पीएम मोदी की नई शिक्षा नीति पर आधारित स्टार्टअप को मिली फंडिंग प्राप्त करने में सफलता
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युवाह स्टार्टअप के फाउंडर्स।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
स्कूल एजुकेशन से बच्चों को स्किल डवलपमेंट की तरफ मोड़ने वाले इंदौर के स्टार्टअप को IIM अहमदाबाद और अमेरिकन चेज के को-फाउंडर्स से प्री-सीड फंडिंग राउंड में 210 हजार डॉलर (17, 481, 450 रु.) प्राप्त हुए हैं। यह स्टार्टअप बच्चों को स्कूल के समय में ही स्किल डवलपमेंट के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देता है और इनमें जो बच्चे बेहतर रिजल्ट देते हैं उन्हें कंपनियों के साथ इंटरर्नशिप भी करवाता है।
युवाह के को-फाउंडर और सीएमओ रोहित जैन ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि कालेज से स्किल डवलपमेंट पर फोकस किया जाता है पर अब समय बदल चुका है। अब बच्चों को स्कूल से ही प्रैक्टिकल नालेज देने और काम सिखाने की जरूरत है। इससे वे जल्द अपना करियर बना पाते हैं। रोहित ने बताया कि उनका स्टार्टअप ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, कोडिंग, फैशन डिजाइनिंग समेत कई क्षेत्रों में बच्चों को स्किल्ड कर रहा है।
इंदौर के प्रमुख स्कूल जुड़े
रोहित ने बताया कि इंदौर के शीर्ष विद्यालयों के साथ वे काम कर रहे हैं। इंदौर से ही एमरल्ड हाइट्स, डीपीएस, सत्यसांई, चोइथराम जैसे तमाम स्कूल उनसे जुड़े हुए हैं। देशभर के 100 से अधिक स्कूल उनके साथ मिलकर इस विषय पर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इसने 2000 से अधिक टीनएजर्स को देश की शीर्ष कॉर्पोरेट फर्म्स और कंपनियों में इंटर्न्स के रूप में इन्होंने नियुक्त करवाया है।
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पीएम मोदी के विजन पर की शुरुआत
रोहित ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में स्किल्ड डवलपमेंट पर पूरी तरह से फोकस किया है। हमने अपने स्टार्टअप को उसी आधार पर तैयार किया है। देश में बड़ी संख्या में छात्र और युवा हैं और यदि वे किसी भी काम में दक्ष रहेंगे तो अपना बेहतर भविष्य बना सकेंगे।
26 करोड़ टीनएजर्स हैं भारत में
को फाउंडर चेतन जचपुरे बताते हैं कि विगत छह महीनों में हम 1 लाख से अधिक मासिक विजिटर्स और 50,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता प्राप्त करने में सक्षम रहे हैं। यह फंडिंग हमें नए कार्यक्रम शुरू करने और प्रयोग करने में सक्षम बनाएगी, ताकि हम तेजी से अपना विस्तार कर सकें। राघव परसाई ने कहा कि हम गेमिफिकेशन और एक प्रतिभाशाली तकनीकी टीम के निर्माण के माध्यम से लेट जेन-जेड और प्रारंभिक जेन अल्फा टीनएजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे संचालन और प्रोडक्ट विकास को स्वचालित और सुव्यवस्थित किया जा सके। भारत में वर्तमान में लगभग 26 करोड़ टीनएजर्स एक विशाल राष्ट्रीय संसाधन का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके ज्ञान में निवेश करना समय की मांग है।
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युवाह के को-फाउंडर और सीएमओ रोहित जैन ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि कालेज से स्किल डवलपमेंट पर फोकस किया जाता है पर अब समय बदल चुका है। अब बच्चों को स्कूल से ही प्रैक्टिकल नालेज देने और काम सिखाने की जरूरत है। इससे वे जल्द अपना करियर बना पाते हैं। रोहित ने बताया कि उनका स्टार्टअप ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, कोडिंग, फैशन डिजाइनिंग समेत कई क्षेत्रों में बच्चों को स्किल्ड कर रहा है।
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इंदौर के प्रमुख स्कूल जुड़े
रोहित ने बताया कि इंदौर के शीर्ष विद्यालयों के साथ वे काम कर रहे हैं। इंदौर से ही एमरल्ड हाइट्स, डीपीएस, सत्यसांई, चोइथराम जैसे तमाम स्कूल उनसे जुड़े हुए हैं। देशभर के 100 से अधिक स्कूल उनके साथ मिलकर इस विषय पर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इसने 2000 से अधिक टीनएजर्स को देश की शीर्ष कॉर्पोरेट फर्म्स और कंपनियों में इंटर्न्स के रूप में इन्होंने नियुक्त करवाया है।
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पीएम मोदी के विजन पर की शुरुआत
रोहित ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में स्किल्ड डवलपमेंट पर पूरी तरह से फोकस किया है। हमने अपने स्टार्टअप को उसी आधार पर तैयार किया है। देश में बड़ी संख्या में छात्र और युवा हैं और यदि वे किसी भी काम में दक्ष रहेंगे तो अपना बेहतर भविष्य बना सकेंगे।
26 करोड़ टीनएजर्स हैं भारत में
को फाउंडर चेतन जचपुरे बताते हैं कि विगत छह महीनों में हम 1 लाख से अधिक मासिक विजिटर्स और 50,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता प्राप्त करने में सक्षम रहे हैं। यह फंडिंग हमें नए कार्यक्रम शुरू करने और प्रयोग करने में सक्षम बनाएगी, ताकि हम तेजी से अपना विस्तार कर सकें। राघव परसाई ने कहा कि हम गेमिफिकेशन और एक प्रतिभाशाली तकनीकी टीम के निर्माण के माध्यम से लेट जेन-जेड और प्रारंभिक जेन अल्फा टीनएजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे संचालन और प्रोडक्ट विकास को स्वचालित और सुव्यवस्थित किया जा सके। भारत में वर्तमान में लगभग 26 करोड़ टीनएजर्स एक विशाल राष्ट्रीय संसाधन का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके ज्ञान में निवेश करना समय की मांग है।
