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Indore News: आर्टिस्ट बनना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
Mon, 16 Jan 2023 11:44 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 16 Jan 2023 11:44 AM IST
सार
आज के समय में आर्ट वर्क कितने में बिकेगा ये सबसे पहले हमारा नाम और काम तय करेगा न कि लगने वाला समय
विज्ञापन
कलाकारों के ग्रुप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दो दिनी कला प्रदर्शनी कला के रंग का समापन क्रिएट स्टोरीज सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा कैनरीज आर्ट गैलरी में हुआ। संस्था के दीपक शर्मा ने बताया इस प्रदर्शनी में 9 साल से 73 साल तक के 61 कलाकारों की 151 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई जिसमें अलग अलग तरह के आर्ट फॉर्म्स देखे गए। समापन पर कलाकारों के लिए आर्टिस्टिक मैनेजमेंट वर्कशॉप आयोजित हुई जिसमें मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ अजित उपाध्याय ने चर्चा की।
एक्सपर्ट डॉ अजित उपाध्याय ने बताया की मैनेजमेंट की पहली विशेषता यह है कि यह एक प्रक्रिया है जो हमेशा चलती रहती है। यह तब तक चलती रहती है जब तक कि मैनेजमेंट के जो ऑब्जेक्टिव हैं वो पूरे नहीं हो जाते। प्रबन्ध की एक विशेषता यह है कि यह कला एवं विज्ञान दोनों है। यह कला इसलिए ही क्योंकि इसे अलग अभ्यास एवं अनुभव के द्वारा प्राप्त किया जाता है और विज्ञान इसलिए है क्योंकि आधुनिक समय में इसका व्यावसायिक ज्ञान उपलब्ध है, इसमें वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाते हैं, सिद्धान्तों एवं नियमों को अपनाया जाता है।
यदि हमें इस फील्ड में आगे बढ़ना है तो प्रोफेशनल ट्रेनिंग लीजिए, बारीकियां सीखिए एवं जितना ज्यादा हो सके कला प्रदर्शनी का हिस्सा बनें, जो भी मौके मिले उन्हें मत छोड़िए भले आप सीख रहे हों फिर भी आप अपने वर्क प्रदर्शित करिए क्यूंकि कला प्रदर्शनी एक ऐसी जगह है जहां अलग अलग लोगों से मिलने का मौका मिलता है और ट्रेंड में नया क्या चल रहा है लोग क्या चाहते हैं वो ऐसी जगहों पर पता चलता है साथ ही सीनियर आर्टिस्ट्स से गाइडेंस लेते रहिए। गलती या सुधार एवं आलोचना स्वीकार करिए यदि ईगो बीच में आएगा तो आगे बढ़ पाना थोडा मुश्किल होगा।
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आर्ट वर्क कितने में बिकेगा ये सबसे पहले हमारा नाम और काम तय करेगा न कि कितना समय लगा बनाने में, क्योंकि आजकल युवा सभी आर्ट वर्क की प्राइस समय के हिसाब से तय करते हैं जो गलत है। हमारे लिए हमारा आर्ट वर्क बेस्ट होता है लेकिन जिस दिन हम एक खरीददार या विजिटर के नजरिए से देखने लग जाएंगे उस दिन हमारा काम प्रोफेशनल लेवल पर आ जाएगा।
अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में इन बातों का ध्यान रखें-
- अपने टारगेट ऑडीअन्स को जानें (या खोजें)।
- स्थानीय शुरू करें मतलब लोकल प्रदर्शनी में भाग लें और अटेंड करें और लोगों की डिमांड खोजें क्योंकि प्रदर्शनी में भाग लेने से हमारी कम्युनिकेशन स्किल्स अपने आप बनती है।
- सोशल मीडिया का पूरा इस्तेमाल करिए एवं ज्यादा से ज्यादा लोगों से कनेक्ट बनाएं।
- धीरे-धीरे और लगातार वर्क करें, छोड़ें नहीं।
- स्टे करंट यानि आज क्या चल रहा है अपडेट रहें।
- अपने आर्ट का पेज बनाएं और हो सके तो वेबसाइट ताकि आपके आर्ट वर्क एक जगह पर देखे जा सकें।
- ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स में रजिस्टर करिए वहां अपने आर्ट वर्क को सेल करें।
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एक्सपर्ट डॉ अजित उपाध्याय ने बताया की मैनेजमेंट की पहली विशेषता यह है कि यह एक प्रक्रिया है जो हमेशा चलती रहती है। यह तब तक चलती रहती है जब तक कि मैनेजमेंट के जो ऑब्जेक्टिव हैं वो पूरे नहीं हो जाते। प्रबन्ध की एक विशेषता यह है कि यह कला एवं विज्ञान दोनों है। यह कला इसलिए ही क्योंकि इसे अलग अभ्यास एवं अनुभव के द्वारा प्राप्त किया जाता है और विज्ञान इसलिए है क्योंकि आधुनिक समय में इसका व्यावसायिक ज्ञान उपलब्ध है, इसमें वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाते हैं, सिद्धान्तों एवं नियमों को अपनाया जाता है।
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यदि हमें इस फील्ड में आगे बढ़ना है तो प्रोफेशनल ट्रेनिंग लीजिए, बारीकियां सीखिए एवं जितना ज्यादा हो सके कला प्रदर्शनी का हिस्सा बनें, जो भी मौके मिले उन्हें मत छोड़िए भले आप सीख रहे हों फिर भी आप अपने वर्क प्रदर्शित करिए क्यूंकि कला प्रदर्शनी एक ऐसी जगह है जहां अलग अलग लोगों से मिलने का मौका मिलता है और ट्रेंड में नया क्या चल रहा है लोग क्या चाहते हैं वो ऐसी जगहों पर पता चलता है साथ ही सीनियर आर्टिस्ट्स से गाइडेंस लेते रहिए। गलती या सुधार एवं आलोचना स्वीकार करिए यदि ईगो बीच में आएगा तो आगे बढ़ पाना थोडा मुश्किल होगा।
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आर्ट वर्क कितने में बिकेगा ये सबसे पहले हमारा नाम और काम तय करेगा न कि कितना समय लगा बनाने में, क्योंकि आजकल युवा सभी आर्ट वर्क की प्राइस समय के हिसाब से तय करते हैं जो गलत है। हमारे लिए हमारा आर्ट वर्क बेस्ट होता है लेकिन जिस दिन हम एक खरीददार या विजिटर के नजरिए से देखने लग जाएंगे उस दिन हमारा काम प्रोफेशनल लेवल पर आ जाएगा।
अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में इन बातों का ध्यान रखें-
- अपने टारगेट ऑडीअन्स को जानें (या खोजें)।
- स्थानीय शुरू करें मतलब लोकल प्रदर्शनी में भाग लें और अटेंड करें और लोगों की डिमांड खोजें क्योंकि प्रदर्शनी में भाग लेने से हमारी कम्युनिकेशन स्किल्स अपने आप बनती है।
- सोशल मीडिया का पूरा इस्तेमाल करिए एवं ज्यादा से ज्यादा लोगों से कनेक्ट बनाएं।
- धीरे-धीरे और लगातार वर्क करें, छोड़ें नहीं।
- स्टे करंट यानि आज क्या चल रहा है अपडेट रहें।
- अपने आर्ट का पेज बनाएं और हो सके तो वेबसाइट ताकि आपके आर्ट वर्क एक जगह पर देखे जा सकें।
- ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स में रजिस्टर करिए वहां अपने आर्ट वर्क को सेल करें।
