Indore: गृह मंत्री शाह ने बनाई थी उम्मीदवार तय करने की रणनीति, इंदौर दौरे के समय ले गए थे दावेदारों की लिस्ट
केंद्रीय मंत्री अमित शाह पिछले माह 30 जुलाई को इंदौर के सम्मेलन में शामिल हुए थे। उससे पहले वे भोपाल भी गए थे। तब भी उनके सामने हारी हुई कुछ सीटों पर जल्दी उम्मीदवार घोषित करने का मुद्दा उठा था, हालांकि शाह की टीम तब इसी रणनीति पर काम कर रही थी।
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मध्य प्रदेश में भाजपा ने चुनाव के तीन माह पहले 39 सीटों पर उम्मीदवार तय करने का प्रयोग किया है। जल्दी उम्मीदवार तय करने की रणनीति और उसके क्रियान्वयन के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दो माह से मध्य प्रदेश में लगातार हुए उनके दौर के समय उम्मीदवारों के नामों सहमति भी बन रही थी। इंदौर में संभागीय सम्मेलन में शामिल होने आए शाह अपने साथ मालवा निमाड़ के दावेदारों का लेखा जोखा ले गए थे। भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन का मापदंड मैदानी स्तर पर वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा लिया गया फीडबैक, सर्वे और पिछले चुनाव में कम वोटों से हार के समीकरण को बनाया है।
इंदौर यात्रा के समय ले गए थे मालवा निमाड़ के दावेदारों की लिस्ट
केंद्रीय मंत्री अमित शाह पिछले माह 30 जुलाई को इंदौर के सम्मेलन में शामिल हुए थे। उससे पहले वे भोपाल भी गए थे। तब भी उनके सामने हारी हुई कुछ सीटों पर जल्दी उम्मीदवार घोषित करने का मुद्दा उठा था, हालांकि शाह की टीम तब इसी रणनीति पर काम कर रही थी। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मालवा निमाड़ की ज्यादातर सीटों पर जाकर फीडबैक लेकर आए थे। इंदौर यात्रा के दौरान शाह मालवा निमाड़ की सीटों के दावेदारों की लिस्ट, पुराने परिणाम सहित अन्य जानकारी अपने साथ लेकर गए थे। शाह ने कमल नाथ के गढ़ छिंदवाड़ा भी गए थे। उनके क्षेत्र के सौंसर और पाढूर्ना विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा ने उम्मीदवार तय कर दिए।
इंदौर के दो नेताओं को टिकट
मालवा निमाड़ में भाजपा औरर कांग्रेस के टिकट में इंदौर में रहने वाले नेताओं का नाम भी रहता है। इस बार सोनकच्छ से राजेश सोनकर को उम्मीदवार बनाया गया है। इस सीट से कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा का टिकट तय माना जा रहा है। सोनकर इंदौर के जिलाभाजपा अध्यक्ष है और इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके है। इसके अलावा राजकुमार मेव भी इंदौर के निवासी है। उन्हें भाजपा ने महेश्वर विधानसभा से टिकट दिया है।
