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Indore News: टीवी मोबाइल से रोका तो बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया, 7 साल की सजा संभव
Thu, 01 Aug 2024 11:45 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 01 Aug 2024 11:45 AM IST
सार
पैरेंट्स ने जिला कोर्ट और थाने में कहा कि वे बच्चों की मोबाइल और टीवी की लत से परेशान हैं, इसलिए उन्हें डांटना मारना पड़ता है।
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया। केस भी एेसा कि उसमें सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों ने इसलिए एेसा किया क्योंकि माता पिता उन्हें टीवी और मोबाइल नहीं देखने देते थे। नाराज 21 साल की बेटी और 8 साल के बेटे ने थाने पहुंचकर माता पिता दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने पैरेंट्स के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया है। मामला चंदन नगर थाने का है।
हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में शुरू हुए ट्रायल पर रोक लगाई
अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि माता-पिता ने हाईकोर्ट में इस केस में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जिला कोर्ट में माता-पिता के खिलाफ शुरू किए गए ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है। चौधरी के मुताबिक, हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में उल्लेख किया गया कि 25 अक्टूबर 2021 को बच्चे थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों को माता-पिता के द्वारा मोबाइल देखने, टीवी चलाने पर रोज-रोज डांटने की बात बताई। इस पर पुलिस ने परिजन के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
बुआ के पास रहते हैं बच्चे
बच्चों ने पुलिस को बताया कि माता-पिता कई बार उनसे मारपीट भी करते थे। माता-पिता ने पुलिस थाने और कोर्ट में बार-बार कहा कि बच्चों की मोबाइल, टीवी की लत से हर घर परेशान है। बच्चों को डांटना बहुत ही सामान्य बात है। अब एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही दोनों बच्चे बुआ के साथ रह रहे हैं। पिता का भी अपनी बहन के साथ विवाद चल रहा है।
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यह धाराएं लगाई गई
बच्चों की शिकायत पर पुलिस ने पैंरेंट्स पर धारा 342, धारा 294, धारा 323 लगाई है।
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हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में शुरू हुए ट्रायल पर रोक लगाई
अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि माता-पिता ने हाईकोर्ट में इस केस में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जिला कोर्ट में माता-पिता के खिलाफ शुरू किए गए ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है। चौधरी के मुताबिक, हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में उल्लेख किया गया कि 25 अक्टूबर 2021 को बच्चे थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों को माता-पिता के द्वारा मोबाइल देखने, टीवी चलाने पर रोज-रोज डांटने की बात बताई। इस पर पुलिस ने परिजन के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
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बुआ के पास रहते हैं बच्चे
बच्चों ने पुलिस को बताया कि माता-पिता कई बार उनसे मारपीट भी करते थे। माता-पिता ने पुलिस थाने और कोर्ट में बार-बार कहा कि बच्चों की मोबाइल, टीवी की लत से हर घर परेशान है। बच्चों को डांटना बहुत ही सामान्य बात है। अब एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही दोनों बच्चे बुआ के साथ रह रहे हैं। पिता का भी अपनी बहन के साथ विवाद चल रहा है।
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यह धाराएं लगाई गई
बच्चों की शिकायत पर पुलिस ने पैंरेंट्स पर धारा 342, धारा 294, धारा 323 लगाई है।
