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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Dhar Bhojshala: Hearing on the fourth day in Dhar Bhojshala, the petitioner said – five hundred Brahmins used

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला में चौथे दिन सुनवाई, याचिकाकर्ता ने कहा-भोजशाला में पांच सौ ब्राम्हण निवास करते थे

Sat, 11 Apr 2026 07:01 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sat, 11 Apr 2026 07:01 AM IST
सार

भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें दूसरे याचिकाकर्ता ने राजा भोज द्वारा भोजशाला के निर्माण और उसके शैक्षणिक महत्व से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। 

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Dhar Bhojshala: Hearing on the fourth day in Dhar Bhojshala, the petitioner said – five hundred Brahmins used
धार में स्थित भोजशाला

विस्तार

भोजशाला मामले में शुक्रवार को दूसरे याचिकाकर्ता को कोर्ट ने अपना पक्ष रखने का मौका दिया। कुलदीप तिवारी द्वारा प्रस्तुत रिट याचिका में अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने पक्ष रखते हुए कोर्ट को राजा भोज के भोजशाला के निर्माण की जानकारी तथ्यों के साथ दी।

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उन्होंने कहा कि राजा भोज ने देशभर के विद्वानों हेतु सरस्वतीकंठाभरण (जिसे आज भोजशाला के नाम से जाना जाता है) का निर्माण करवाया था। उन्होंने अवगत कराया कि इतिहासकार मेरूतूँगा द्वारा सन् 1304 ई. में रचित 'प्रबंध चिंतामणि' नामक ऐतिहासिक काव्य में वर्णन है कि सरस्वतीकंठाभरण मंदिर में 500 से अधिक ब्राह्मण निवास करते थे, तथा देश-विदेश से ज्ञानी, कवि आदि आकर अपने ज्ञान का प्रदर्शन करते थे। वे यहां शिक्षा भी प्राप्त करते थे।

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा भोजशाला में खोजी गई सर्पबंदी शिलालेख ठीक वैसी ही है, जैसी उज्जैन के जूना महाकाल मंदिर और निमाड़ के उन चौबेरा देव मंदिर में स्थापित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सर्पबंदी शिलालेख छात्रों को पाणिनि के 'अष्टाध्यायी' के नियम सिखाने के लिए प्रयुक्त होते थे।

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गुप्ता ने तर्क देते हुए बताया कि राजा भोज ने अपने जीवनकाल में 84 ग्रंथों की रचना की, जिनमें से लगभग 26 ग्रंथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संग्रहालय दिल्ली में सुरक्षित हैं। इनमें 'समरांगणसूत्रधार' नामक ग्रंथ में वास्तुकला पर वर्णन है। इस याचिका पर अब अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। आपको बता दे कि भोजशाला मामले में बीते चार दिन से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई हो रही है। इस मामले में पांच याचिकाएं लगी है और कुछ इंटरविनर भी बने है। कोर्ट एक एक कर सभी याचिका सुन रहा है।

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