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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Daughter wants to become a savior by giving exam on Wednesday, but the bone of her hand was broken in the acci

Indore News: बुधवार को परीक्षा देकर आरक्षक बनना चाहती है बेटी, लेकिन हादसे में टूट गई हाथ की हड्डी

Tue, 21 Feb 2023 07:57 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 21 Feb 2023 07:57 PM IST
सार

इलाज के बाद श्रद्धा के हाथ में प्लास्टर चढ़ गया, लेकिन प्रदेश की इस बेटी का हौसला नहीं टूटा। हादसे के बाद भी वह रात दिन परीक्षा की तैयारी करती रही।

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Daughter wants to become a savior by giving exam on Wednesday, but the bone of her hand was broken in the acci
हादसे के बावजूद युवती बुधवार को होनेे वाली परीक्षा देना चाहती है। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर के पालिया गांव में रहने वाली एक युवती आबकारी विभाग में आरक्षक पद की परीक्षा पास करने के लिए सालभर मेहनत की। उसे पूरा भरोसा है कि यदि वह परीक्षा देगी तो उसका सिलेक्शन जरुर होगा, लेकिन सड़क हादसे में उसके दाएं हाथ की हड्डी टूट गई और बुधवार दोपहर उसे परीक्षा देना है। इस हालत में भी वह परीक्षा देना चाहती है। उनसे ई मेल भी किया और भोपाल के अफसरों को फोन भी लगाए। वह चाहती कि उसे एक अटेंडर मिल जाए।

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पालिया गांव में रहने वाली २६ वर्षीय युवती श्रद्धा हातोद के तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र बनवाने गई थी, लेकिन सड़क हादसा हो गया। दोपहिया वाहन फिसलने के कारण वह हाथ के बल गिरी। परिजन अस्पताल ले गए तो डाक्टरों ने हाथ का एक्स रे कराने के बाद बताया कि उसके दाए हाथ की हड्डी टूट गई। इलाज के बाद श्रद्धा के हाथ में प्लास्टर चढ़ गया, लेकिन प्रदेश की इस बेटी का हौसला नहीं टूटा। हादसे के बाद भी वह रात दिन परीक्षा की तैयारी करती रही। वह बुधवार को होने वाली परीक्षा देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी है श्रद्धा
हादसे के बावजूद परीक्षा देने के लिए तैयारी कर चुकी श्रद्घा मध्यमवर्गीय परिवार से है। पिता रेल विभाग में सेंटिंग मेन के पद से सेवानिवृत हो चुके है। परिवार में माता-पिता के अलावा तीन अन्य बहनें है। श्रद्धा चाहती है कि वह अपने पैरों पर खड़े रहकर माता-पिता को बुढ़ापे में सहारा बने। अब देखना है कि हादसे के बावजूद उसकी कोशिश उसे किस मुकाम तक ले जाती है।

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