Indore: बीमार तेंदुए में मिला खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर वायरस, फॉरेस्ट एरिया में शिफ्ट किया
संक्रमण तेंदुए के शरीर में भी फैल गया। दिमागी तौर पर तेंदुआ स्वस्थ्य नहीं है। वह अपनी आक्रमकता खो चुका है। यही वजह है कि जब गांव में लोग उसके आसपास खड़े थे या उसे छू रहे थे तो उनसे हमला नहीं किया।
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इंदौर के चिड़िया घर में बीमार तेंदुए में खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर वायरस मिला,इसकी जबलपुर वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब ने पुष्टि की।तेंदुए को सोनकच्छ फॉरेस्ट एरिया में शिफ्ट किया गया। जू प्रभारी डॉ उत्तम यादव ने कहा की वायरस खतरनाक है। इसका वाइल्ड लाइफ में मिलना रेयर है। साउथ अफ्रीकन बिग कैट भी इस वायरस का शिकार बन चुकी है।
तेंदुए में मिले वायरस की जानकारी देश की वाइल्ड लाइफ हाई अथॉरिटी को दी है। तेंदुए का वायरस दूसरे जानवरों में नहीं फैले।इसके चलते तेंदुए को चिड़िया घर से टीम लेकर सोनकच्छ फॉरेस्ट एरिया के लिए रवाना हुई, तेंदुए को सोनकच्छ फॉरेस्ट एरिया में शिफ्ट किया गया है।
शनिवार को देवास जिले के सोनकच्छ के गांव इकरोता में मिले बीमार तेंदुए को इलाज के लिए इंदौर लाया गया है। वह दिमागी तौर पर बीमार है और ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। उसके ब्लड के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए है। लैब ने कैनाइन डिस्टेंपर वायरस तेंदुए के खून में मिलने की पुष्टि की है।
चिडि़याघर के डाॅ. उत्तम यादव ने बताया कि संक्रमण तेंदुए के शरीर में भी फैल गया। दिमागी तौर पर तेंदुआ स्वस्थ्य नहीं है। वह अपनी आक्रमकता खो चुका है। यही वजह है कि जब गांव में लोग उसके आसपास खड़े थे या उसे छू रहे थे तो उनसे हमला नहीं किया।तेंदुए के इलाज के लिए जबलपुर से भी डाक्टरों की टीम भी इंदौर आई थी। तेंदुए को सोनकच्छ के जंगल में शिफ्ट करने के बाद जबलपुर की टीम भी रवाना हो गई।
