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Indore News: छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में चौहान निलंबित, भ्रामक जानकारी दी, सीएम हेल्पलाइन में भी लापरवाही
Tue, 16 Apr 2024 06:37 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 16 Apr 2024 06:37 PM IST
सार
संभागायुक्त दीपक सिंह ने निलंबन आदेश दिया, तथ्यहीन जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ कई अन्य गंभीर लापरवाही आईं सामने
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इंदौर समाचार
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर संभागायुक्त दीपक सिंह ने प्रभारी क्षेत्र संयोजक (मंडल संयोजक) रामलाल चौहान को निलंबित कर दिया है। रामलाल जनजाति कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संभागीय उपायुक्त कार्यालय में पदस्थ है। उस पर शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने, अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, विभागीय कार्य योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति योजना, छात्रावास आश्रम की मॉनिटरिंग, राहत योजना, आवास सहायता योजना, सी.एम. हेल्पलाइन आदि महत्वपूर्ण योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर यह कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में रामलाल का मुख्यालय खंड शिक्षा कार्यालय विकासखंड पानसेमल जिला बड़वानी रहेगा।
बताया गया कि पीजीडीएम छात्रवृत्ति योजना के संबंध में इंदौर संभाग के महाविद्यालयों की जांच के लिए गठित दल में रामलाल चौहान को सदस्य बनाया गया था।
उक्त समिति के सदस्य के रूप में प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा छात्रवृत्ति में अनियमितता संबंधी गंभीर शिकायत प्रकरण मे जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके परीक्षण के बाद यह पाया गया कि शिकायत गंभीर प्रवृत्ति की होने के बाद भी प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा विभाग को गुमराह करने का प्रयास करते हुए भ्रामक व तथ्यहीन जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिससे यह स्पष्ट है कि जांच के दौरान प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा पदीय दायित्वों का निर्वहन में रुचि नहीं ली गई। चौहान को "कारण बताओ सूचना पत्र" जारी किया गया एवं सूचना पत्र तामील भी करवाया गया। चौहान द्वारा इतने गंभीर प्रकरणों में "कारण बताओ सूचना पत्र" का उत्तर नौ महीने बीत जाने के बाद भी प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके कारण जांच प्रकरण में विधि अनुसार आगामी कार्यवाही करने में बाधा उत्पन्न हुई।
चौहान को कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला इंदौर में छात्रवृत्ति/आवास सहायता/सी.एम. हेल्पलाईन के गंभीर प्रकरणों के निराकरण हेतु समय सीमा में संपादित करने के लिए आदेशित किया गया था किन्तु उनके द्वारा इस कार्य में कोई रुचि नहीं ली गई फलतः 15 अप्रैल 2024 तक की स्थिति में इंदौर जिले के सी.एम. हेल्पलाइन के कुल 1975 प्रकरण लंबित है। चौहान द्वारा क्षेत्र संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बाद भी इनके द्वारा छात्रावास आश्रमों के निरीक्षण रोस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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बताया गया कि पीजीडीएम छात्रवृत्ति योजना के संबंध में इंदौर संभाग के महाविद्यालयों की जांच के लिए गठित दल में रामलाल चौहान को सदस्य बनाया गया था।
उक्त समिति के सदस्य के रूप में प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा छात्रवृत्ति में अनियमितता संबंधी गंभीर शिकायत प्रकरण मे जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके परीक्षण के बाद यह पाया गया कि शिकायत गंभीर प्रवृत्ति की होने के बाद भी प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा विभाग को गुमराह करने का प्रयास करते हुए भ्रामक व तथ्यहीन जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिससे यह स्पष्ट है कि जांच के दौरान प्रभारी क्षेत्र संयोजक चौहान द्वारा पदीय दायित्वों का निर्वहन में रुचि नहीं ली गई। चौहान को "कारण बताओ सूचना पत्र" जारी किया गया एवं सूचना पत्र तामील भी करवाया गया। चौहान द्वारा इतने गंभीर प्रकरणों में "कारण बताओ सूचना पत्र" का उत्तर नौ महीने बीत जाने के बाद भी प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके कारण जांच प्रकरण में विधि अनुसार आगामी कार्यवाही करने में बाधा उत्पन्न हुई।
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चौहान को कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला इंदौर में छात्रवृत्ति/आवास सहायता/सी.एम. हेल्पलाईन के गंभीर प्रकरणों के निराकरण हेतु समय सीमा में संपादित करने के लिए आदेशित किया गया था किन्तु उनके द्वारा इस कार्य में कोई रुचि नहीं ली गई फलतः 15 अप्रैल 2024 तक की स्थिति में इंदौर जिले के सी.एम. हेल्पलाइन के कुल 1975 प्रकरण लंबित है। चौहान द्वारा क्षेत्र संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बाद भी इनके द्वारा छात्रावास आश्रमों के निरीक्षण रोस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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