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Indore News: विकास यात्रा में ड्यूटी सरकारी काम कैसे, हाई कोर्ट इंदौर की खंडपीठ ने कहा
Sat, 25 Feb 2023 11:50 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 25 Feb 2023 11:50 AM IST
सार
पंचायत सचिव के निलंबन पर रोक लगाई, चार सप्ताह में जवाब देने का भी कहा
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indore high court
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
मप्र में विकास यात्रा इन दिनों चर्चा में है। भाजपा इसे जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निकाल रही है वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ प्रचार के लिए निकाली जा रही है। वहीं भाजपा इस यात्रा के बहाने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। हाल ही में विकास यात्रा से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने भी कहा है कि विकास यात्रा में ड्यूटी सरकारी काम कैसे हो सकता है।
दरअसल, पंचायत सचिव मेहरबान सिंह गुर्जर को सीईओ ने निलंबित कर दिया था। मेहरबान सिंह गुर्जर को बड़ोदिया खान में विकास यात्रा निकलने पर व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। यात्रा के दौरान परेशानियां हुई तो सीईओ ने मंच ठीक से नहीं लगने और अन्य व्यवस्थाओं में कमी होने का हवाला देकर उन्हें निलंबित कर दिया। इस पर सचिव मेहरबान सिंह गुर्जर ने अधिवक्ता मनीष यादव के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस विवेक रुसिया की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका की सुनवाई हुई।
हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सचिव के निलंबन पर रोक लगा दी। इसके बाद मौखिक रूप से यह भी कहा कि विकास यात्रा में ड्यूटी ठीक से नहीं करना सरकारी जिम्मेदारी कैसे हो सकती है? जनपद के सीईओ इस तरह निलंबित कैसे कर सकते हैं? हाई कोर्ट ने रोक लगाने के साथ ही चार सप्ताह में जवाब देने के लिए भी कहा है। इस मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय नेताओं ने सीईओ पर दबाव बनाकर पंचायत सचिव को निलंबित करवाया जो पूरी तरह गलत है।
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दरअसल, पंचायत सचिव मेहरबान सिंह गुर्जर को सीईओ ने निलंबित कर दिया था। मेहरबान सिंह गुर्जर को बड़ोदिया खान में विकास यात्रा निकलने पर व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। यात्रा के दौरान परेशानियां हुई तो सीईओ ने मंच ठीक से नहीं लगने और अन्य व्यवस्थाओं में कमी होने का हवाला देकर उन्हें निलंबित कर दिया। इस पर सचिव मेहरबान सिंह गुर्जर ने अधिवक्ता मनीष यादव के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस विवेक रुसिया की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका की सुनवाई हुई।
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हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सचिव के निलंबन पर रोक लगा दी। इसके बाद मौखिक रूप से यह भी कहा कि विकास यात्रा में ड्यूटी ठीक से नहीं करना सरकारी जिम्मेदारी कैसे हो सकती है? जनपद के सीईओ इस तरह निलंबित कैसे कर सकते हैं? हाई कोर्ट ने रोक लगाने के साथ ही चार सप्ताह में जवाब देने के लिए भी कहा है। इस मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय नेताओं ने सीईओ पर दबाव बनाकर पंचायत सचिव को निलंबित करवाया जो पूरी तरह गलत है।
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