{"_id":"633ebf409d779908a12fe0e1","slug":"bitter-talk-of-kailash-vijayvargiya-said-stop-massaging-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: 'अधिकारियों की मालिश करना बंद करो', जानिए क्यों कही कैलाश विजयवर्गीय ने ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: 'अधिकारियों की मालिश करना बंद करो', जानिए क्यों कही कैलाश विजयवर्गीय ने ये बात
Thu, 06 Oct 2022 11:17 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 06 Oct 2022 11:17 PM IST
सार
इंदौर में स्वच्छता कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय थोड़े खफा नजर आए। उन्होंने कहा कि मैं कड़वी बात बोल रहा हूं, पर जरूरी भी है क्योंकि मेरे अलावा किसी में ताकत भी नहीं है ऐसी बात करने की।
विज्ञापन
कैलाश विजयवर्गीय ने स्वच्छता में नंबर आने पर जनता को श्रेय देने की बात कही है।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और इंदौर के वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब फिर उन्होंने ऐसी बात कही है, जो चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने इंदौर के स्वच्छता में नंबर वन बनने का श्रेय अधिकारियों को देने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अधिकारियों की मालिश करना बंद कीजिए।
बता दें इंदौर के लगातार छठी बार नंबर वन आने पर मीडिया में अधिकारियों की तारीफ की गई थी। इसी पर कैलाश विजयवर्गीय खफा थे। विजयवर्गीय इंदौर में स्वच्छता कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि मेरी बातें कड़वी हैं, आप लोगों को गलत लग सकती हैं। पर कड़वी बातें कहते रहना चाहिए। यदि कोई मुझसे पूछे कि इंदौर शहर की सफाई के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार और जवाबदार कौन है तो मैं कहूंगा कि सबसे पहला नंबर शहर के सफाई कर्मियों का है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दूसरा नंबर जाता है इंदौर की जनता को। क्योंकि इंदौर की जनता अनुशासित है। संस्कारवान जनता है। हमारी पहली वाली पीढ़ी ने संस्कार डाले हैं। यदि इंदौर की जनता को श्रेय नहीं दोगे, सिर्फ अधिकारियों को श्रेय दोगे तो ये गलत है। मुझे मालूम है कि मैं बहुत कड़वी बात बोल रहा हूं। बहुत जरूरी भी है बोलना, क्योंकि मेरे अलावा किसी में ताकत भी नहीं है कि बोल ले ये बात। ज्यादा अधिकारियों की मालिश मत किया कीजिए। इस इंदौर को नंबर वन बनाया है तो जनता ने बनाया है।
विज्ञापन
कैलाश ने कहा कि आप सब श्रेय अधिकारियों को दे रहे हो. अगर अधिकारियों में ही दम होता तो यहां के कलेक्टर उज्जैन गए थे। उज्जैन को फर्स्ट बना पाए क्या। अभी वर्तमान में जो उज्जैन कलेक्टर हैं, वे इंदौर नगर निगम कमीश्नर थे जिनको अमिताभ बच्चन ने सम्मानित किया था। वे उज्जैन को नंबर वन बना पाए क्या।
विज्ञापन
बता दें इंदौर के लगातार छठी बार नंबर वन आने पर मीडिया में अधिकारियों की तारीफ की गई थी। इसी पर कैलाश विजयवर्गीय खफा थे। विजयवर्गीय इंदौर में स्वच्छता कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि मेरी बातें कड़वी हैं, आप लोगों को गलत लग सकती हैं। पर कड़वी बातें कहते रहना चाहिए। यदि कोई मुझसे पूछे कि इंदौर शहर की सफाई के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार और जवाबदार कौन है तो मैं कहूंगा कि सबसे पहला नंबर शहर के सफाई कर्मियों का है।
विज्ञापन
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दूसरा नंबर जाता है इंदौर की जनता को। क्योंकि इंदौर की जनता अनुशासित है। संस्कारवान जनता है। हमारी पहली वाली पीढ़ी ने संस्कार डाले हैं। यदि इंदौर की जनता को श्रेय नहीं दोगे, सिर्फ अधिकारियों को श्रेय दोगे तो ये गलत है। मुझे मालूम है कि मैं बहुत कड़वी बात बोल रहा हूं। बहुत जरूरी भी है बोलना, क्योंकि मेरे अलावा किसी में ताकत भी नहीं है कि बोल ले ये बात। ज्यादा अधिकारियों की मालिश मत किया कीजिए। इस इंदौर को नंबर वन बनाया है तो जनता ने बनाया है।
विज्ञापन
कैलाश ने कहा कि आप सब श्रेय अधिकारियों को दे रहे हो. अगर अधिकारियों में ही दम होता तो यहां के कलेक्टर उज्जैन गए थे। उज्जैन को फर्स्ट बना पाए क्या। अभी वर्तमान में जो उज्जैन कलेक्टर हैं, वे इंदौर नगर निगम कमीश्नर थे जिनको अमिताभ बच्चन ने सम्मानित किया था। वे उज्जैन को नंबर वन बना पाए क्या।
