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Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम के पास पहुंचा पंडित प्रदीप मिश्रा का भक्त, हाथों से चलकर आया, नई बात बताई
Mon, 08 Jul 2024 06:28 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 08 Jul 2024 06:28 PM IST
सार
Pandit Pradeep Mishra: पिछले दिनों इंदौर में हुई बागेश्वर धाम की कथा के दौरान दिव्यांग शिशुपाल भी आए, वे पंडित प्रदीप मिश्रा के भक्त हैं और पहली बार बागेश्वर धाम की कथा में आए हैं। वे देशभर में होने वाली पंडित प्रदीप मिश्रा की हर कथा में जाते हैं।
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इंदौर में कुछ दिन पहले हुई बागेश्वर धाम की कथा में पहुंचे शिशुपाल।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
शिशुपाल सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम के पास में रहते हैं। वे दिव्यांग हैं और सिर्फ हाथों के बल पर चल पाते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा की देश में जहां पर भी कथा होती है वे वहां पर जरूर जाते हैं। इंदौर में पहली बार में बागेश्वर धाम सरकार Bageshwar Dham Sarkar पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा सुनने के लिए आए। यहां पर उन्होंने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा की वजह से ही उनकी जीविका चल रही है और वे अपना जीवन यापन कर पा रहे हैं। वे जहां भी जाते हैं श्रद्धालु उनकी भक्ति देखकर उन्हें कुछ न कुछ आर्थिक मदद कर देते हैं जिससे वे अपने परिवार का खर्च उठा पा रहे हैं।
बचपन में हो गया था पोलियो
शिशुपाल ने बताया कि बचपन में पोलियो की वजह से उनके दोनों पैरों की शक्ति समाप्त हो गई। इसके बाद उनका चलना फिरना बंद हो गया। वो बहुत समय तक बिस्तर पर ही रहे। इसके बाद वे छोटे मोटे काम करके अपना घर चलाते थे। वे सीहोर में कुबेरेश्वर धाम के पास में ही रहते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा सुनाना शुरू किया तो वे उसमें जाने लगे। यहां पर उनकी शारीरिक अक्षमता को देखकर कई लोगों ने उनकी मदद की। अब जहां पर भी पंडित प्रदीप मिश्रा कथा के लिए जाते हैं वे हर जगह ट्रेन से वहां पर जाते हैं।
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पहली बार बागेश्वर धाम की कथा में आए
शिशुपाल ने बताया कि वे पहली बार बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा में आए हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में कथा की जानकारी मिलते ही उनसे मिलने का मन हुआ इसलिए खुद को रोक नहीं सका। तुरंत ट्रेन पकड़कर यहां पर आ गया। शिशुपाल ने कहा कि हर जगह अच्छे लोग होते हैं। मैं हाथों के बल चलता हूं और बहुत तकलीफ भी होती है पर हर जगह लोग मेरी मदद करते हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम की मदद से चल रहा घर
शिशुपाल ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम सरकार की मदद से वे अपने परिवार का भरण पोषण कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरे जैसे कई जरूरतमंदों की इन कथाओं में बड़ी मदद हो जाती है। यहां पर आने वाले भक्त हमें कई स्तर पर मदद कर देते हैं।
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बचपन में हो गया था पोलियो
शिशुपाल ने बताया कि बचपन में पोलियो की वजह से उनके दोनों पैरों की शक्ति समाप्त हो गई। इसके बाद उनका चलना फिरना बंद हो गया। वो बहुत समय तक बिस्तर पर ही रहे। इसके बाद वे छोटे मोटे काम करके अपना घर चलाते थे। वे सीहोर में कुबेरेश्वर धाम के पास में ही रहते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा सुनाना शुरू किया तो वे उसमें जाने लगे। यहां पर उनकी शारीरिक अक्षमता को देखकर कई लोगों ने उनकी मदद की। अब जहां पर भी पंडित प्रदीप मिश्रा कथा के लिए जाते हैं वे हर जगह ट्रेन से वहां पर जाते हैं।
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पहली बार बागेश्वर धाम की कथा में आए
शिशुपाल ने बताया कि वे पहली बार बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा में आए हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में कथा की जानकारी मिलते ही उनसे मिलने का मन हुआ इसलिए खुद को रोक नहीं सका। तुरंत ट्रेन पकड़कर यहां पर आ गया। शिशुपाल ने कहा कि हर जगह अच्छे लोग होते हैं। मैं हाथों के बल चलता हूं और बहुत तकलीफ भी होती है पर हर जगह लोग मेरी मदद करते हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम की मदद से चल रहा घर
शिशुपाल ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम सरकार की मदद से वे अपने परिवार का भरण पोषण कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरे जैसे कई जरूरतमंदों की इन कथाओं में बड़ी मदद हो जाती है। यहां पर आने वाले भक्त हमें कई स्तर पर मदद कर देते हैं।
