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इंदौर: लड़कियों को बॉर्डर पार करवाकर रूकवाते थे चौबीस परगना, मुर्शीदाबाद में, फिर दूसरे शहरों में भेजते थे...
Mon, 06 Dec 2021 04:28 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 06 Dec 2021 04:28 PM IST
सार
बांग्लादेशी लड़कियों को भारत लाकर उनसे देह व्यापार करवाने के मामले की रिपोर्ट राष्ट्रीय एजेंसी को भेजी जा रही है। इंदौर डीआईजी ने एसआईटी का गठन किया है। अब तक 20 गिरफ्तारियां हो चुकी है। दस नाम और सामने आए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बांग्लादेशी लड़कियों को भारत लाकर उनसे देह व्यापार करवाने के मामले की रिपोर्ट राष्ट्रीय एजेंसी को भेजी जा रही है। पुलिस को पता चला है कि गरीब लड़कियों को बांग्लादेश के जासौर से बॉर्डर पार करवाकर चौबीस पगरना और मुर्शीदाबाद शहरों में रूकवाते थे। वहां से इंदौर, मुंबई, सूरत और देश के दूसरे बड़े शहरों में भेजा जाता था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दस लोगों के नाम और सामने आए हैं।
इस मामले में पुलिस अब बारीकी से पड़ताल कर रही है। कोई आरोपी बच न सके इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीआईजी मनीष कपूरिया ने पूरा रैकेट पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी दलालों के मोबाइल की जांच कर रही है। एसआईटी ने मामनूर उर्फ मामूर उर्फ विजयदत्त, बबलू उर्फ क्लास सरकार और प्रमोद पाटीदार के मोबाइल जब्त कर उनकी छानबीन शुरू की। अभी तक की जांच में सामने आया है कि बबलू किस तरह से लड़कियों को बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश दिलाता था। सरहद के उस पार कौन-से दलाल उसके संपर्क में थे। इसके साथ ही बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात कुछ लोग भी इस गिरोह में शामिल रहते थे। अब मामले में सभी दस्तावेज तैयार कर नेशनल एजेंसी को भेजे जा रहे हैं, ताकि मामले में सरहद पार कराने में शामिल दलालों की गिरफ्तार किया जा सके।
अब तक 20 पकड़ाए, हो सकती है और गिरफ्तारियां
विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी के मुताबिक आरोपियों ने बताया है कि मजदूर लड़कियां काम की तलाश में बांग्लादेश के जासौर से आती थीं। पहले उन्हें चौबीस परगना और मुर्शीदाबाद में रूकवाते थे। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से बॉर्डर के पास लाकर दलालों की मदद लेते थे। बॉर्डर पार करवाने में आने वाली परेशानिनयों में बबलू मोबाइल से बात कर मदद करवाता था। इसके बाद लड़कियां मुंबई, सूरत और अन्य शहरों में भेज दी जाती थीं। बबलू ने पूछताछ में बताया कि वह अभी तक 50 लड़कियों के दस्तावेज राजेश नाम के एजेंट से बनवा चुका है। वह भारत के अलग-अलग ठिकानों के आधार कार्ड, वीजा और अन्य दस्तावेज मुहैया करवा देता था। इस मामले में अभी तक करीब 20 आरोपी महिला सहित पकड़ाए जा चुके हैं। 10 नए नामों को लेकर एसआईटी और पुलिस की टीम के साथ अन्य एजेंसियां आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां इस मामले में की जा सकती हैं।
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इस मामले में पुलिस अब बारीकी से पड़ताल कर रही है। कोई आरोपी बच न सके इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीआईजी मनीष कपूरिया ने पूरा रैकेट पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी दलालों के मोबाइल की जांच कर रही है। एसआईटी ने मामनूर उर्फ मामूर उर्फ विजयदत्त, बबलू उर्फ क्लास सरकार और प्रमोद पाटीदार के मोबाइल जब्त कर उनकी छानबीन शुरू की। अभी तक की जांच में सामने आया है कि बबलू किस तरह से लड़कियों को बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश दिलाता था। सरहद के उस पार कौन-से दलाल उसके संपर्क में थे। इसके साथ ही बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात कुछ लोग भी इस गिरोह में शामिल रहते थे। अब मामले में सभी दस्तावेज तैयार कर नेशनल एजेंसी को भेजे जा रहे हैं, ताकि मामले में सरहद पार कराने में शामिल दलालों की गिरफ्तार किया जा सके।
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अब तक 20 पकड़ाए, हो सकती है और गिरफ्तारियां
विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी के मुताबिक आरोपियों ने बताया है कि मजदूर लड़कियां काम की तलाश में बांग्लादेश के जासौर से आती थीं। पहले उन्हें चौबीस परगना और मुर्शीदाबाद में रूकवाते थे। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से बॉर्डर के पास लाकर दलालों की मदद लेते थे। बॉर्डर पार करवाने में आने वाली परेशानिनयों में बबलू मोबाइल से बात कर मदद करवाता था। इसके बाद लड़कियां मुंबई, सूरत और अन्य शहरों में भेज दी जाती थीं। बबलू ने पूछताछ में बताया कि वह अभी तक 50 लड़कियों के दस्तावेज राजेश नाम के एजेंट से बनवा चुका है। वह भारत के अलग-अलग ठिकानों के आधार कार्ड, वीजा और अन्य दस्तावेज मुहैया करवा देता था। इस मामले में अभी तक करीब 20 आरोपी महिला सहित पकड़ाए जा चुके हैं। 10 नए नामों को लेकर एसआईटी और पुलिस की टीम के साथ अन्य एजेंसियां आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां इस मामले में की जा सकती हैं।
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